विधानसभा चुनाव | गुजरात | हिमाचल प्रदेश
S M L

पीएम मोदी का रूस दौरा: कुडनकुलम के 2 नए परमाणु संयंत्रों पर भारत-रूस में बनी बात

आतंकवाद के संदर्भ में मोदी ने कहा कि इस समस्या पर दोनों देशों के विचार समान हैं.

Bhasha Updated On: Jun 02, 2017 08:54 AM IST

0
पीएम मोदी का रूस दौरा: कुडनकुलम के 2 नए परमाणु संयंत्रों पर भारत-रूस में बनी बात

भारत और रूस ने तमिलनाडु में कुडनकुलम परमाणु उर्जा संयंत्र की दो और इकाइयों को लगाने के समझौते पर दस्तखत किए. इस समझौते का लंबे वक्त से इंतजार किया जा रहा था. इस समझौते के साथ ही दोनों महाशक्तियों के बीच रक्षा सहयोग को नई दिशा देने का फैसला किया गया.

दोनों देशों ने इस साल 'इंद्र-2017' नाम से तीनों सेनाओं के साझा सैन्य अभ्यास आयोजित करने का भी फैसला किया. उन्होंने कामोव-226 सैन्य हेलिकॉप्टरों का साथ मिलकर प्रॉडक्शन करने निर्णय लिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के बीच हुई व्यापक वार्ता में ये निर्णय लिये गए. बातचीत में आतंकवाद और व्यापार और निवेश बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई.

बातचीत के बाद पुतिन के साथ संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत और रूस के संबंध परस्पर प्रेम, सम्मान और मजबूत विश्वास पर आधारित और अडिग हैं. उन्होंने कहा, संस्कृति से सुरक्षा तक हमारे संबंध अटूट रहे हैं. हम एक भाषा में बोलते हैं. मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने का फैसला किया, जिसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है.

मोदी ने कहा कि भारत और रूस अपने संबंधों के 70 साल पूरे होने की खुशी मना रहा हैं और इतने दशकों में संबंधों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा. पुतिन ने वार्ता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत-रूस साझेदारी रणनीतिक और विशेष होती जा रही है. उन्होंने वार्ता को सार्थक और रचनात्मक बताया.

बातचीत के बाद जारी एक संयुक्त घोषणापत्र में कहा गया, भारत और रूस की विशेष रणनीतिक साझेदारी दोनों महाशक्तियों के बीच परस्पर विश्वास का अद्वितीय बंधन है. इसमें कहा गया कि इन संबंधों के आयाम राजनीतिक संबंध, सुरक्षा, व्यापार, अर्थव्यवस्था, सैन्य और तकनीकी क्षेत्र, उर्जा, वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और मानवीय आदान प्रदान और विदेश नीति समेत सहयोग के सभी क्षेत्रों तक है.

शिखरवार्ता के प्रमुख परिणामों में रूस की मदद से कुडनकुलम परमाणु संयंत्र की इकाइयों 5 और 6 की स्थापना पर करार होना शामिल है. मोदी ने कहा कि इससे दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे.

'ए विजन फॉर द ट्वंटी फर्स्ट सेंचुरी' शीषर्क वाले दस्तावेज में कहा गया है कि भारत और रूस की अर्थव्यवस्थाएं उर्जा के क्षेत्र में एक दूसरे की पूरक हैं और दोनों देश एक 'उर्जा सेतु' बनाने की दिशा में काम करेंगे. इसमें कहा गया है कि परमाणु उर्जा, परमाणु ईंधन चक्र और परमाणु विज्ञान और प्रौद्योगिकी समेत व्यापक परिप्रेक्ष्य में भारत-रूस सहयोग का भविष्य उज्ज्वल है.

आतंकवाद के संदर्भ में मोदी ने कहा कि इस समस्या पर दोनों देशों के विचार समान हैं, चाहे वह किसी भी स्वरूप में हो, चाहे अफगानिस्तान, पश्चिम एशिया या एशिया-प्रशांत क्षेत्र में हो.

उन्होंने कहा, आतंकवाद पर तथा सुरक्षा को नयी चुनौतियों पर भारत और रूस एकसाथ खड़े हैं. व्यापार के संदर्भ में मोदी ने कहा कि दोनों देश 2025 तक 30 अरब डॉलर के लक्ष्य को प्राप्त करने के करीब हैं. फिलहाल दोनों देशों के बीच 7.8 अरब डॉलर का व्यापार होता है जो 2014 में 10 अरब डॉलर के स्तर पर था और अब कम हो गया है. पुतिन ने कहा कि भारत में रूसी निवेश चार अरब डॉलर का है वहीं रूस में भारतीय निवेश आठ अरब डॉलर का है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi