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पुलवामा अटैक पर अमेरिका ने पाक को लताड़ा, कहा- आतंकियों को पनाह देना बंद करें

वाइट हाउस ने पुलवामा अटैक की निंदा की और कहा कि पाकिस्तान अपनी धरती पर आतंकी संगठनों को पनाह और समर्थन देना बंद करे.

Updated On: Feb 15, 2019 02:21 PM IST

FP Staff

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पुलवामा अटैक पर अमेरिका ने पाक को लताड़ा, कहा- आतंकियों को पनाह देना बंद करें

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले की अमेरिका ने कड़ी निंदा की है. यहां तक कि अमेरिका ने पाकिस्तान को अपने देश में आतंकियों को पनाह देना बंद करने की चेतावनी दी है.

वाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सांडर्स ने गुरुवार को एक बयान में पुलवामा अटैक की निंदा की और कहा कि पाकिस्तान अपनी धरती पर आतंकी संगठनों को पनाह और समर्थन देना बंद करे.

सांडर्स ने कहा, 'यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका पाकिस्तान को अपनी धरती पर पल रहे आतंकी समूहों को समर्थन और पनाह देना बंद करने को कहता है, जिनका काम बस इलाके में डर और हिंसा फैलाना है.'

वाइट हाउस की ओर से जारी किए गए इस बयान में कहा गया, 'इस हमले से भारत और अमेरिका की एंटी-टेरेरिज्म को लेकर एक-दूसरे का सहयोग करने का संकल्प और मजबूत ही होगा.'

सांडर्स ने कहा कि अमेरिका पुलवामा में पाकिस्तान स्थित एक आतंकी संगठन की ओर से किए गए हमले की निंदा करता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका इस हमले में शहीद जवानों के पीड़ित परिवारों और भारत सरकार के साथ खड़ा है.

उधर, अमेरिकी विशेषज्ञों ने इस हमले के बाद पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं. दक्षिण एशिया से जुड़े मामलों के अमेरिकी विशेषज्ञों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्मद की संलिप्तता ने इसमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खडे़ कर दिए हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि आतंकवादी हमले से पता चलता है कि अमेरिका जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पाकिस्तान को मनाने में विफल रहा है. अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के एक पूर्व विश्लेषक ब्रूस रिडेल ने कहा, 'हमले में जैश-ए-मोहम्मद की स्व-घोषित भागीदारी इस हमले के सरगना के समर्थन में आईएसआई की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती है.'

ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूट थिंक-टैंक में विद्वान रिडेल ने कहा कि एक हमला जिसके निशान पाकिस्तान में मिलते हैं, यह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के कार्यकाल के पहली बड़ी चुनौती है. ओबामा प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक पूर्व अधिकारी अनीश गोयल ने कहा कि इस भयावह हमले से पता चलता है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह किस तरह अब भी कश्मीर में सक्रिय हैं.

उन्होंने कहा, 'हमले के तुरंत बाद इसकी जिम्मेदारी लेने का दावा करके जैश-ए-मोहम्मद स्पष्ट रूप से संकेत दे रहा है कि वह इस क्षेत्र में परेशानी पैदा करता रहेगा और पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव बढ़ाता रहेगा.'

गोयल ने कहा, 'इस हमले के मद्देनजर प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) पर कश्मीर में सक्रिय सभी आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव बढ़ने की संभावना है.'

(एजेंसी से इनपुट के साथ)

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