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चीन में तलाक चाहिए तो इस परीक्षा में फेल होना पड़ेगा

तलाक के लिए होने वाली इस परीक्षा में पूछा जाएगा साथी का जन्मदिन और पसंदीदा खाना

Updated On: Jun 01, 2018 03:36 PM IST

FP Staff

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चीन में तलाक चाहिए तो इस परीक्षा में फेल होना पड़ेगा

आपसी मन-मुटाव, घरेलू हिंसा जैसे कारण विवाहित जोड़े आपसी संबंध तोड़ने के लिए तलाक का रास्ता चुनते हैं और इसी कड़ी में वह अदालतों का दरवाजा खटखटाते हैं. आमतौर पर अदालत सुनवाई के बाद तलाक से संबंधित फैसला करती हैं. लेकिन चीन की अदालतें अब तलाक पर सुनवाई करने के साथ-साथ आवेदकों की परीक्षा भी लेंगी. अौर अगर इस परीक्षा में आवेदक पास हो गए तो शायद अदालतें उन्हें तलाक न देकर आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित भी करेंगी.

चौंकिए मत क्योंकि ऐसी प्रक्रिया चीन में शुरू भी हो गई है. चीन के कुछ हिस्सों में विवाहित जोड़ों के तलाक के मामले में स्थानीय अधिकारियों को उनसे कुछ सवाल-जवाब करने का आदेश भी दिया गया है. दरअसल चीन में पिछले कुछ सालों में तलाक की दरों में काफी बढ़ोतरी हुई है. जिसे सरकार सामाजिक अस्थिरता के रूप में देखती है और जल्द ही इनमें कमी लाना भी चाहती है. इसलिए जोड़ों की परीक्षा लेने का अनोखा तरीका सरकार ने इजात किया है.

कैसा होगा तलाक का प्रश्नपत्र?

पिछले साल करीब दो प्रांतों को जारी किए गए आदेश के अनुसार सवाल-जवाब का फॉर्मेट स्कूलों की परीक्षा की तरह ही होगा. इसमें तीन चरण होंगे. पहला रिक्त स्थान भरें (फिल इन द ब्लैंक्स), दूसरा लघु उत्तरीय सवाल और तीसरे चरण में बड़े सवाल होंगे. अधिकारियों के मुताबिक तलाक से जुड़ी यह परीक्षा 100 नंबर की होगी जिसमें कुल 15 सवाल होंगे. जो भी विवाहित जोड़ा इस परीक्षा में 60 से अधिक नंबर लाएगा अधिकारी उस जोड़े को रिश्ता बनाए रखने के लिए प्रोतसाहित करेंगे.

इस परीक्षा में एक दूसरे का जन्मदिन या पसंदीदा खाना आदि से संबंधित सवाल शामिल किए गए हैं. अगर विवाहित जोड़ा इन सवालों का सही जवाब देता है तो हो सकता है कि उन्हें तत्काल तलाक की मंजूरी न मिले. पूछे जाने वाले सवालों में कुछ सांसारिक सवाल भी होंगे जैसे 'आपकी शादी की सालगिरह कब होती है', और कुछ फिलॉसोफिकल सवाल भी होंगे जैसे 'क्या आपने परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का पालन किया?' आदि.

पारिवारिक मामलों को नियंत्रित करती रही हैं चीन की सरकारें

चीन के अधिकारियों का मानना है कि इस परिक्षा से विवाहित जोड़े को साथ में बिताए हसीन पल दोबारा याद करने का एक मौका मिलेगा, और शायद इस से उनको परिवार और साथी के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास हो जाए. अधिकारियों का कहना है कि यह मात्र एक शुरुआती कदम हैं, आवेदक चाहें तो इसके बाद भी तलाक दे सकते हैं. बता दें कि चीन की सरकार ने पहले भी धर्म और गर्भावस्था सहित कई निजी पारिवारिक जीवन के पहलुओं को नियंत्रित किया है.

चीन के एक न्यूज़ चैनल ने नागरिक मंत्रालय का हवाला देते हुए बताया कि साल 2017 की पहली छमाही में चीन में करीब 20 लाख तलाक हुए हैं जो की 2016 से 11 प्रतिशत ज्यादा हैं. सरकार के स्वामित्व वाले एक चैनल का कहना है कि पिछले साल सभी विवाहितों में से 3 प्रतिशत ने तलाक के लिए आवेदन दिए थे, जबकि साल 2002 में यह आंकड़ा 1 प्रतिशत से भी कम था.

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