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ये हैं पाक के 3 दुर्दांत आतंकी जिन्हें US ने किया ब्लैकलिस्ट

ये तीन आतंकी हैं-रहमान जेब फकीर मुहम्मद, हिज्ब उल्लाह अस्तम खान और दिलावर खान नादिर खान

Updated On: Feb 09, 2018 06:16 PM IST

FP Staff

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ये हैं पाक के 3 दुर्दांत आतंकी जिन्हें US ने किया ब्लैकलिस्ट

यूएस ट्रेजरी ने पाकिस्तान के तीन दुर्दांत आतंकियों को 'खास वैश्विक आतंकवादी' की श्रेणी में रखते हुए ब्लैकलिस्ट कर दिया है. ये तीन आतंकी हैं-रहमान जेब फकीर मुहम्मद, हिज्ब उल्लाह अस्तम खान और दिलावर खान नादिर खान.

ट्रेजरी ने इन तीनों पाकिस्तानी नागरिकों को 'आतंकियों का आका' बताते हुए नामचिन अल-कायदा, लश्कर-ए-तोएबा और तालिबान समर्थक शेख अमिनुल्लाह के लिए काम करने वाला बताया है. अमेरिका ने यह कदम आतंकी समूहों की आर्थिक तौर पर कमर तोड़ने के लिए उठाया है. आइए इन तीनों आतंकियों के बारे में विस्तार से जानते हैं-

रहमान जेब फकीर मुहम्मद

ट्रेजरी के मुताबिक, रहमान खाड़ी देशों में लश्कर के लिए फंड जुटाना वाला मुख्य आतंकी है. रहमान ने ही 2014 में शेख अमिनुल्लाह को खाड़ी देशों में ठिकाना दिलाने में मदद की थी.

जेब ही लश्कर को हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराता है जिनमें वित्तीय, टेक्नोलॉजी और सामग्री आदि दिलाने की बात है. 2016 में जेब ने पाकिस्तान के एक लश्कर आतंकी के लिए फंड ट्रांसफर कराया था. 2014 तक जेब अफगानिस्तान में आतंकी संगठनों के ऑपरेशन में शामिल था.

हिज्ब उल्लाह अस्तम खान

हिज्ब उल्लाह अमिनुल्लाह के लिए काम करता था. यूएस ट्रेजरी की मानें तो 2016 में उसने अमिनुल्लाह के लिए समर्थन जुटाया. पेशावर में हिज्ब उल्लाह ही अमिनुल्लाह के मदरसों का उप-संस्थापक था. 2015 में इसी शख्स ने अमिनुल्लाह को खाड़ी देशों में बसाने में मदद की. हिज्ब उल्लाह अफगानिस्तान के कुनार राज्य में आईईडी एक्सपर्ट के रूप में काम किया है, जहां उसने अफगान और गठबंधन सैनिकों के खिलाफ कई बम लगाए. हिज्ब पर अफगानिस्तान के आतंकी समूहों, तालिबान और जमात-उल-दावा-अल-कुरान को आईईडी की खेप मुहैया कराने के आरोप हैं.

दिलावर खान नादिर खान

दिलावर खान अमिनुल्लाह के सहयोगी के तौर पर काम करता रहा है. दिलावर पर ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि उसने अमिनुल्लाह को पाकिस्तान में आश्रय दिलाने और उसके आतंकी संदेशों को लोगों तक पहुंचाने में मदद की. इसी ने अमिनुल्लाह के फंड ट्रांसफर का काम संभाला जिसमें कई इंटरनेशनल लेन-देन भी शामिल हैं. 2014 में दिलावर ने अमिनुल्लाह को पाकिस्तान और खाड़ी देशों में आने-जाने में पूरी मदद की. 2013 में दिलावर गंज मदरसा के नेताओं में अहम स्थान रखता था जिसकी स्थापना ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने कराई जिसपर अमिनुल्लाह का नियंत्रण है. यही संस्था लश्कर और तालिबान जैसे आतंकी संगठनों को मदद देती रही है.

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