S M L

सीरिया से 'जल्द ही' हट जाएगा अमेरिका, ट्रंप ने की घोषणा

हालांकि, ट्रंप का ये बयान उनके पूर्व विदेश सचिव रेक्स टिलरसन के उस बयान का ठीक उल्टा है, जिसमें टिलरसन ने कहा था कि वो अभी सीरिया से वापस लौटने के पक्ष में नहीं हैं

FP Staff Updated On: Mar 30, 2018 11:24 AM IST

0
सीरिया से 'जल्द ही' हट जाएगा अमेरिका, ट्रंप ने की घोषणा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी सुरक्षा बलों को ‘जल्द ही’ सीरिया से वापस बुला लिया जाएगा. उन्होंने वाशिंगटन की ओर से पश्चिम एशिया में सात हजार अरब अमेरिकी डॉलर की बर्बादी पर भी खेद जताया.

ओहायो में उद्योगों के कर्मियों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि कभी इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों के कब्जे में रहे सभी इलाकों को अमेरिकी बल अपने नियंत्रण में लेने के बेहद करीब पहुंच गए हैं.

'जल्द लौटेगी सेना'

ट्रंप ने वादा किया, ‘हम सीरिया से जल्द लौट रहे हैं. अब दूसरे लोगों को ही इसे देखने दें.’ उन्होंने कहा, ‘हम यहां से जल्द लौट जाएंगे, अपने देश जहां से हम हैं, जहां हम जाना चाहते हैं.’ उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका ने अब तक सीरिया में अपने सात हजार अरब डॉलर बरबाद किए हैं.

हालांकि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि सीरिया के संबंध में ‍वह जिन ‘अन्य’ की बात कर रहे हैं वह कौन हैं. गौरतलब है कि सीरिया में बशर अल-असद की सरकार को समर्थन देने के लिए रूस और ईरान के सुरक्षा बल बड़ी संख्या में वहां मौजूद हैं.

सीरिया में चल रहे गृह युद्ध से अलग रहने की कोशिश करते हुए पूर्वी सीरिया में अमेरिका के 2,000 से ज्यादा सैनिक स्थानीय मिलिशिया समूहों के साथ मिलकर इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों के खिलाफ लड़ रहे है.

अधिकारियों के बयान से उल्टा जा रहे हैं ट्रंप

हालांकि, ट्रंप का ये बयान उनके पूर्व विदेश सचिव रेक्स टिलरसन के उस बयान का ठीक उल्टा है, जिसमें टिलरसन ने कहा था कि वो अभी सीरिया से वापस लौटने के पक्ष में नहीं हैं. हालांकि, रेक्स टिलरसन को उनके पद से हटा दिया गया है.

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक भाषण में टिलरसन ने कहा था कि अमेरिकी सेना को आईएस और अलकायदा को वापस लौटने से रोकने के लिए सीरिया में रुकना ही पड़ेगा. साथ ही ईरान को सीरिया में वापस अपनी स्थिति मजबूत करने से रोकने के लिए भी इसकी जरूरत है.

इसके साथ ही टिलरसन ने ये भी कहा था कि अगर अमेरिकी सेना वापस आ जाती है तो सीरिया के राष्ट्रपति बशर-अल-असद को अपने ही लोगों के खिलाफ अत्याचार करने का मौका मिल जाएगा.

मतलब ये कि ट्रंप की ये घोषणा अमेरिकी नीतियों से ठीक उल्टा जा रही है. वैसे भी ये कहा जा रहा है कि ट्रंप टिलरसन के जाने के बाद से यूएस जनरल और अधिकारियों से बातचीत किए गए बगैर ही विदेश नीतियों पर बयान दे रहे हैं और घोषणाएं कर रहे हैं. ट्रंप ने इस बार कहा है कि वो सीरिया में अमेरिकी डॉलर खर्च नहीं करेंगे अब वो देश में ही जॉब और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देंगे.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Test Ride: Royal Enfield की दमदार Thunderbird 500X

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi