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आज होगी मोदी-ट्रंप की पहली मुलाकात, इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

मुलाकात की तैयारियों में ट्रंप निजी तौर पर शामिल रहे हैं

Bhasha Updated On: Jun 26, 2017 09:20 AM IST

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आज होगी मोदी-ट्रंप की पहली मुलाकात, इन अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

ऐसी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होने वाली पहली मुलाकात भारत-अमेरिका संबंधों को अगले स्तर पर ले जाएगी.

बिल क्लिंटन प्रशासन से शुरू होकर और बुश और ओबामा से होते हुए पिछले तीन दशकों के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों के आगे बढ़ने का सिलसिला बरकरार है. दोनों ओर से आने वाले संकेतों से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इसका मजबूती से आगे बढ़ना जारी रहेगा.

अमेरिका में भारत के राजदूत नवतेज सरना ने पीटीआई से कहा, 'हम वास्तव में सोचते हैं कि यह यात्रा संबंधों को अगले स्तर पर ले जाएगी. मोदी और ट्रंप ने इससे पहले फोन पर तीन बार बात की है. दोनों व्हाइट हाउस में कई घंटे साथ रहेंगे. इसकी शुरूआत आमने सामने की बैठक के साथ होगी. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक, कॉकटेल रिसेप्शन और एक कामकाजी रात्रिभोज होगा. ट्रंप प्रशासन के तहत व्हाइट हाउस के भीतर किसी विदेशी नेता के लिए ये पहला रात्रिभोज होगा.'

तैयारियों के बारे में जानकारी रखने वाले एक मध्य स्तर के अमेरिकी सूत्र ने पीटीआई से कहा, 'यह ऐतिहासिक होगा, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया.' सूत्र ने हालांकि यह नहीं बताया कि यात्रा के परिणाम की प्रकृति क्या होगी लेकिन दोहराया कि वह दोनों देशों को पहले के मुकाबले और नजदीक ले आएगी.

ट्रंप तैयारियों में निजी तौर पर शामिल रहे हैं. मोदी के साथ ट्रंप के रात्रिभोज के लिए व्हाइट हाउस रसोई की ओर से विस्तृत तैयारियां की जा रही हैं.

मोदी और ट्रंप सोशल मीडिया पर सबसे अधिक फॉलो किये जाने वाले वैश्विक नेताओं में शामिल हैं. दोनों के कुल मिलाकर अपने निजी अकाउंट पर छह करोड़ से ज्यादा फॉलोवर हैं.

उम्मीद है कि दोनों नेता व्हाइट हाउस में अपनी मुलाकात के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे.

NarendraModi

भारत-अमेरिकी संबंधों के लिए ऐतिहासिक पल

नवतेज सरना ने पहले एक साक्षात्कार में कहा, 'मेरा मानना है कि दोनों नेताओं के बीच पहली बार होने वाली आमने-सामने की मुलाकात दोनों नेताओं को पूरे भारत-अमेरिका संबंधों पर गौर करने का एक मौका देगी. वे वैश्विक हित के मुद्दों पर विचारों का अदान प्रदान करेंगे.'

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने भी कहा, 'यह यात्रा अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को मजबूती प्रदान करने का एक मौका होगी. डोनाल्ड ट्रंप इस मौके को एशिया प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक रूप से स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण साझेदारी के तौर पर देखते हैं. अधिकारी ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि उनकी चर्चा व्यापक होगी, जिसमें क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दे शामिल होंगे. इससे हमारी साझा प्राथमिकताएं आगे बढ़ेंगी जिसमें आतंकवाद से मुकाबला, आर्थिक प्रगति एवं समृद्धि को बढ़ावा देना शामिल है.'

अधिकारी ने कहा कि अमेरिका भारत के रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण को आसान बनाने में बहुत रूचि रखता है. इसके साथ ही वह एशिया प्रशांत क्षेत्र में एक नेता के तौर पर उसकी भूमिका बढ़ाने में मदद करने में भी रूचि रखता है. अधिकारी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन का मानना है कि एक मजबूत भारत, अमेरिका के लिए अच्छा है.

दोनों देशों की बातचीत में असैनिक परमाणु करार पर भी चर्चा हो सकती है. हालांकि, आंध्र प्रदेश में छह परमाणु रिएक्टरों के निर्माण के लिए एनपीसीआईएल और वेस्टिंगहाउस के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना नहीं है.

आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के नेताओं के बीच कई रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. इसमें साल 2008 के असैनिक परमाणु समझौते पर प्रगति भी शामिल है.

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