S M L

H1B वीजा नियम में बदलाव का विरोध, US सांसदों ने उठाई आवाज

ट्रंप की प्रस्तावित एच1 बी पॉलिसी के खिलाफ कई अमेरिकी सांसद लामबंद, सांसदों ने कहा, पाबंदी लागू करने से परिवार टूट जाएंगे, हमारे समाज में से प्रतिभा और विशेषज्ञ गायब हो जाएंगे

FP Staff Updated On: Jan 06, 2018 06:11 PM IST

0
H1B वीजा नियम में बदलाव का विरोध, US सांसदों ने उठाई आवाज

ट्रंप प्रशासन के एच1बी वीजा नियम में बदलाव का मुखर विरोध शुरू हो गया है. विरोध में अमेरिकी संसद के कुछ सदस्य उतर आए हैं. सांसदों का कहना है कि वीजा नियम में बदलाव से 5 से 7.5 लाख भारतीय अमेरिकियों को अमेरिका से बाहर जाना पड़ेगा. इससे देश से प्रतिभा भी चली जाएगी.

रिपोर्टों की मानें तो यह प्रस्ताव डोनाल्ड ट्रंप की 'बाई अमेरिकन-हायर अमेरिकन' नीति का हिस्सा है.

हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (एचएएफ) ने ट्रंप प्रशासन के इस प्रस्ताव पर चिंता जताई है. फाउंडेशन का मानना है कि ट्रंप प्रशासन के प्रस्ताव में एच1बी वीजा से ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने वालों को एक्सटेंशन न देने की बात है. अगर ऐसा होता है तो उनके पास देश वापस लौटने या निकाल दिए जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा.

गैबार्ड ने कहा, परिवार टूट जाएंगे

डेमोक्रेटिक सांसद तुलसी गैबार्ड ने भी विरोध जताया है. उन्होंने कहा, 'सख्त पाबंदी लागू करने से परिवार टूट जाएंगे. हमारे समाज में से प्रतिभा और विशेषज्ञ गायब हो जाएंगे. इससे हमारे अहम मित्र देश भारत के साथ रिश्तों में भी खटास आएगी. इस प्रस्ताव के चलते करीब 5 से 7.5 लाख एच1बी वीजाधारक भारतीयों को अमेरिका छोड़ कर जाना पड़ेगा. ये लोग छोटे काम-धंधों के मालिक हैं, रोजगार पैदा करने वाले हैं और हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं. हुनरमंद लोगों के चले जाने से हम 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था में टिकने की अपनी क्षमता  खो देंगे.

अमेरिकी अर्थव्यवस्था के खिलाफ

यूएस इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीसी)-यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रवक्ता ने कहा, 'उन उम्दा कामगारों से यह कहना कि वे अमेरिका से चले जाएं, जो वर्षों से अमेरिका में रह रहे हैं और यहां की स्थायी नागरिकता चाहते हैं, अच्छी पॉलिसी नहीं है. यह नीति अमेरिकी बिजनेस, हमारी अर्थव्यवस्था और देश को नुकसान पहुंचाएगी.साथ ही एक सही इमीग्रेशन सिस्टम के खिलाफ भी है.'

भारतीय अमेरिकी कांग्रेसमैन राजा कृष्णमूर्ति ने कहा, हमें घरेलू कामगारों को उम्दा ट्रेनिंग देनी चाहिए. एच1 बी वीजा खत्म करने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था घुटनों पर आ जाएगी. इससे कंपनियां अमेरिका में निवेश करने के बजाय आउटसोर्सिंग पर ध्यान देने लगेंगी. अमेरिकी कंपनियां विदेशों में जॉब देंगी. मुझे उम्मीद है कि प्रशासन इस प्रस्ताव को तुरंत खारिज कर देगा.

मूर्खता है ऐसा प्रस्तावःसांसद खन्ना

सांसद रो खन्ना ने कहा, प्रस्ताव अप्रवासियों के खिलाफ है. मेरे माता-पिता ग्रीन कार्ड पर यहां आए थे. इसी तरह सुंदर पिचाई, एलन मस्क, सत्य नाडेला भी आए. ट्रंप कह रहे हैं कि अप्रवासियों और उनके बच्चों के लिए यहां जगह नहीं है. ये न केवल गलत है, बल्कि मूर्खता है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi