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US ने ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर सीरिया पर किया मिसाइल अटैक

रूस ने अमेरिका की कार्रवाई पर कहा है कि इससे तीसरे विश्वयुद्ध छिड़ने का खतरा पैदा हो गया है

FP Staff Updated On: Apr 14, 2018 11:06 AM IST

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US ने ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर सीरिया पर किया मिसाइल अटैक

अमेरिका ने मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) के युद्धग्रस्त देश सीरिया पर हमला कर दिया है. शनिवार तड़के सीरिया की राजधानी दमास्कस के पास मिसाइलों से हमला किया गया. सीरिया के सरकारी टेलीविजन पर हमले की खबरें और उससे जुड़ी तस्वीरें दिखाई जा रही हैं.

पेंटागन ने कहा है कि अमेरिका ने फिलहाल सीरिया में 3 ठिकानों पर हमले किए हैं. जिन जगहों पर हमले हुए हैं, वो हैं... दमास्कस का रिसर्च सेंटर जहां केमिकल बायलोजिकल हथियार बनाए जाते हैं. होम्स के पश्चिम में स्थित केमिकल हथियार का स्टोरेज सेंटर. होम्स के पास एक कमांड पोस्ट जहां हथियारों का जखीरा भी है.

सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने कहा है कि राजधानी दमिश्क के पास धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं. सरकारी सैन्य बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए एक दर्जन से अधिक मिसाइलों को मार गिराया है.

शनिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया में बशर-अल-असद की सरकार के खिलाफ सैन्य हमले शुरू कर दिए हैं. ट्रंप ने युद्धग्रस्त देश पर अपने ही लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि संयुक्त कार्रवाई का मकसद रासायनिक हथियारों के उत्पादन, प्रसार और इस्तेमाल के खिलाफ ‘मजबूत प्रतिरोधक’ तंत्र स्थापित करना है. ट्र्रंप ने कहा कि उन्होंने सीरिया के खिलाफ ‘सटीक हमलों’ के आदेश दिए हैं. सीरिया के डूमा में पिछले सप्ताह संदिग्ध जहरीली गैस हमले में 100 से अधिक लोग मारे गए थे.

रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल बंद नहीं होने तक जारी रहेगा हमला

ट्रंप ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, ‘यह किसी व्यक्ति की कार्रवाई नहीं है, यह एक दानव के अपराध हैं.’ उन्होंने कहा कि अमेरिका, सीरिया पर तब तक दबाव बनाए रखेगा जब तक असद सरकार रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल बंद नहीं कर देती. उन्होंने सीरियाई सरकार के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने के लिए ब्रिटेन और फ्रांस का आभार जताया.

ट्रंप ने कहा, ‘कुछ समय पहले मैंने अमेरिका की सशस्त्र सेनाओं को सीरियाई तानाशाह बशर-अल-असद की रासायनिक हथियार क्षमताओं से जुड़े ठिकानों पर सटीक हमले करने के आदेश दिए. फ्रांस और ब्रिटेन की सशस्त्र सेनाओं के साथ संयुक्त अभियान चल रहा है. हम दोनों देशों का आभार जताते हैं.

उन्होंने कहा, ‘आज ब्रिटेन, फ्रांस और अमेरिका ने क्रूरता और नृशंसता के खिलाफ अपने उचित अधिकारों का इस्तेमाल किया.’ बीते शनिवार को डूमा में कथित अत्याचार का जिक्र करते हुए ट्रंप ने ‘निर्दोष नागरिकों के नरसंहार के लिए रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल करने पर’ असद सरकार पर निशाना साधा.

रूस ने अमेरिकी हमले पर कहा कि वो हमले के परिणाम के लिए तैयार रहें. अमेरिका में रूस के राजदूत अनातोली एंतोनोव ने कहा, 'अमेरिका और उसके मित्र देशों की इस कार्रवाई से निश्चित तौर पर विश्वयुद्ध छिड़ने का खतरा पैदा हो गया है.'

रूस ने कहा कि सीरिया पर यह हमला तब किया गया जब इस देश के पास शांतिमय भविष्य की उम्मीद थी.

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