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अमेरिका से डबल गेम खेल रहा है पाकिस्तान: निक्की हेली

निक्की ने कहा, ‘पाकिस्तान एक ही समय में हमारे साथ काम करता है और उसी समय आतंकवादियों को भी पनाह देता है जो अफगानिस्तान में हमारे सैनिकों पर हमला करते हैं. प्रशासन इस खेल को बर्दाशत नहीं करेगा'

Updated On: Jan 03, 2018 10:38 AM IST

Bhasha

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अमेरिका से डबल गेम खेल रहा है पाकिस्तान: निक्की हेली

अमेरिका ने पाकिस्तान के खिलाफ और भी सख्त रूख अपनाने के संकेत दिए है. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की एंबेसडर निक्की हेली का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को पनाह देना बंद नहीं किए जाने तक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उसकी सहायता राशि रोकने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

हेली ने संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तान पर कई वर्षों तक ‘दोहरा खेल’ खेलने का आरोप लगाया.

उन्होंने कहा कि ‘पाकिस्तान ने आतंकवाद को समर्थन और पनाह देना लगातार जारी रखा है इसलिए ट्रंप प्रशासन इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है’. निक्की ने कहा, ‘पाकिस्तान एक ही समय में हमारे साथ काम करता है और उसी समय आतंकवादियों को भी पनाह देता है जो अफगानिस्तान में हमारे सैनिकों पर हमला करते हैं. प्रशासन इस खेल को बर्दाशत नहीं करेगा.’

डोनाल्ड ट्रंप ने 1 जनवरी को अपने ट्वीट में पाकिस्तान पर आरोप लगाया था कि उसने आतंकवादियों को ‘सुरक्षित पनाह’ दे रखा है. इस दौरान उसने अमेरिका से 33 अरब डॉलर से अधिक की सहायता राशि ली, बदले में पिछले 15 वर्षों में केवल धोखा दिया है.

ट्रंप के इस बयान का निक्की हेली ने समर्थन किया है. हेली ने कहा कि ‘सहायता रोकने का फैसला पाकिस्तान के आतंकवादियों को पनाह देने से जुड़ा है.’

अमेरिका ने मंगलवार को पाकिस्तान को दी जाने वाली 255 मिलियन डॉलर (1628 करोड़ रुपए) की सैन्य सहायता राशि रोकने की घोषणा की थी.

मंगलवार को अमेरिका के विदेश मंत्रालय का कहना है कि उनका देश पाकिस्तान से उम्मीद करता है कि वह उसकी जमीन से अपनी गतिविधियां चला रहे आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाएगा.

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोर्ट ने पाकिस्तान को एक ‘महत्वपूर्ण सहयोगी’ करार दिया है. मंगलवार को उन्होंने अपने रेगुलर प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि इस्लामाबाद पहले से जानता है कि उसे क्या करने की जरूरत है.

पाकिस्तान आंतकवादियों के नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए

हीथर ने कहा, ‘अमेरिका पाकिस्तान से उम्मीद करता है कि वह हक्कानी नेटवर्क और अन्य आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाए जो उसकी जमीन से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं.’

हीथर ने पाकिस्तान को 255 मिलियन डॉलर (1628 करोड़ रुपए) की सैन्य सहायता रोकने के अमेरिका के फैसले के बारे में कहा कि यह निर्णय अगस्त में लिया गया था. पाकिस्तान को ईमानदारी से आतंकवाद के खिलाफ कदम उठाकर इस प्रकार की सहायता को ‘कमाने’ की जरूरत है.

इसके अलावा व्हाइट हाउस ने भी कहा है कि पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को तेज करने की जरूरत है.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने कहा, ‘हम जानते हैं कि पाकिस्तान आतंकवाद का मुकाबला करने और उसे रोकने के लिए और कदम उठा सकता है. हम चाहते हैं कि वह अपने प्रयास तेज करे’.

सारा ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करने में असफल रहा है इसलिए राष्ट्रपति ट्रंप ये सभी कदम उठा रहे हैं.

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