S M L

ब्रिटेन की सेना में भारतीयों की भर्ती के नियम हुए आसान

सेना में भर्ती के लिए राष्ट्रमंडल देशों के नागरिकों का पांच साल के लिए ब्रिटेन में रहने की आवश्यकता को पहली बार 1998 में खत्म किया गया था. इसके बाद 2013 में इसे फिर से वापस लागू कर दिया गया था

Updated On: Nov 05, 2018 09:25 PM IST

FP Staff

0
ब्रिटेन की सेना में भारतीयों की भर्ती के नियम हुए आसान
Loading...

यूके की सेना रैंक स्तर के अधिकारियों की कमी हो गई है. इस कमी से निपटने के लिए यूके सरकार ने सोमवार को राष्ट्रमंडल नागरिकों को सशस्त्र बलों में नौकरियों के लिए आवेदन करने की अनुमति देने की भर्ती मानदंडों में छूट की घोषणा की है.

राष्ट्रमंडल भारत सहित 53 स्वतंत्र देशों का एक संघ है.

रक्षा मंत्रालय ने संसद के समक्ष एक लिखित प्रस्ताव दिया है. इस प्रस्ताव में देश की सेना, नौसेना में शामिल होने के लिए आवेदनकर्ता का ब्रिटेन में पांच साल के निवास की वर्तमान न्यूनतम आहर्ता को खत्म करना शामिल है.

इससे भारत, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और केन्या जैसे देशों में रहने वाले लोगों के लिए रास्ते खुल जाएंगे और वो जिस भी सर्विस में जाना चाहते हैं उसके लिए उन्हें राहत भी मिल जाएगी.

रक्षा मंत्रालय के बयान में लिखा गया है, 'राष्ट्रमंडल नागरिकों के लिए पांच साल के ब्रिटेन निवास के मानदंड को हटाने और रॉयल नेवी, ब्रिटिश सेना और रॉयल वायुसेना (आरएएफ) में 1,350 भर्तियां बढ़ाने का फैसला किया है.'

uk

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक स्कील पोस्ट में कमी को पूरा करने के लिए मई 2016 में यूके में निवास के मानदंड में सीमित छूट शुरू की गई थी. इस छूट के जरिए हर साल 200 राष्ट्रमंडल कर्मियों की भर्ती करने का अनुमान था. इस सीमित छूट को अब बढ़ाकर आरएएफ और नौसेना सेना तक कर दिया गया है. और राष्ट्रमंडल आवेदकों की भर्ती 2019 तक शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही राष्ट्रमंडल के बाहर के देशों के नागरिकों के आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

पहली बार 1998 में ये नियम खत्म किए गए थे:

विशेष नियम पहले ही आयरलैंड के नागरिकों और नेपाल से गोरखाओं को ब्रिटिश सशस्त्र बलों में शामिल होने की अनुमति देते हैं. सेना में भर्ती के लिए राष्ट्रमंडल देशों के नागरिकों का पांच साल के लिए ब्रिटेन में रहने की आवश्यकता को पहली बार 1998 में खत्म किया गया था. इसके बाद 2013 में इसे फिर से वापस लागू कर दिया गया.

इस साल अप्रैल में एक राष्ट्रीय लेखा परीक्षा कार्यालय (एनएओ) की रिपोर्ट से पता चला था कि ब्रिटेन की सशस्त्र बलों में लगभग 8,200 सैनिक, नाविक और हवाई कर्मियों की कमी है. इस कमी को पूरा करने के उपायों के तहत ही अब महिलाओं को इतिहास में पहली बार ब्रिटिश सेना में सभी भूमिकाओं के लिए आवेदन करने की अनुमति दी गई है.

ब्रिटेन के सशस्त्र बलों में फिलहाल 4,500 राष्ट्रमंडल नागरिक नियुक्त हैं. इसमें से सेना में 3,940, रॉयल नेवी में 480 और आरएएफ में 80 लोग शामिल हैं.

 

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi