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ब्रिटेन सरकार प्रथम विश्वयुद्ध में जिंदा बचे एकमात्र भारतीय लड़ाकू विमान चालक की मूर्ति स्थापित करेगी

हरदत सिंह मलिक पहले विमान उड़ाने के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए थे, लेकिन बाद में विश्व युद्ध में जिंदा बचकर आने वाले वो एकमात्र व्यक्ति बने

Updated On: Nov 09, 2018 04:32 PM IST

FP Staff

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ब्रिटेन सरकार प्रथम विश्वयुद्ध में जिंदा बचे एकमात्र भारतीय लड़ाकू विमान चालक की मूर्ति स्थापित करेगी
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यूके सरकार ने गुरुवार को विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय (एफसीओ) में मूर्तियों की एक श्रृंखला बनाने की घोषणा की है. मूर्तियां प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटेन की तरफ से लड़ने वाले 3 मिलियन से अधिक राष्ट्रमंडल सैनिकों, नाविकों, वायुमंडल और श्रमिक द्वारा किए गए बलिदानों के सम्मान में बनाई जाएंगी. इसमें भारत भी शामिल है.

न्यूज18 के मुताबिक यह अभियान आर्म्ड फोरसेस की चैरिटी 'There But Not There' की पहल का हिस्सा है. इसमें एफसीओ में प्रथम विश्व युद्ध के सैनिकों की तीन छह फुट की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी. इसके द्वारा एशिया, कैरिबिया, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के राष्ट्रमंडल सैनिकों के योगदान को सम्मान दिया जाएगा. इसमें ब्रिटिश रॉयल फ्लाइंग कोर के साथ जुड़े हरदत सिंह मलिक भी शामिल हैं. हरित सिंह ब्रिटिश रॉयल के साथ उड़ान भरने वाले पहले भारतीय थे.

एफसीओ ने एक बयान में कहा, 'पहले विश्व युद्ध में लगभग 2 मिलियन भारतीय सैनिकों ने सेवा दी थी. शुरुआत में मलिक कोर के लिए क्वालिफाई करने में नाकाम रहे थे लेकिन लड़ाई के बाद जीवित रहने वाले एकमात्र भारतीय एविएटर बने.'

विश्व युद्ध में 9 मिलियन से अधिक सैनिकों की मौत हो गई थी. इसमें राष्ट्रमंडल से लगभग 1 मिलियन लोग भी शामिल थे. उन्होंने ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, इटली और अमेरिका के लिए जीत सुनिश्चित करने में मदद की थी.

'There But Not There' मुहिम फरवरी में लॉन्च किया गया था. इसके द्वारा मिलिट्री और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए पैसे इकट्ठा किए जा रहे हैं. साथ ही 1914-1918 के युद्ध की याद में देश के स्थानीय युद्ध स्मारकों पर कई नामों को अंकित करने का भी लक्ष्य है.

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