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1947 के बंटवारे के बाद अपने सिख भाई से अब जाकर मिलीं दो मुस्लिमें बहनें

डेरा बाबा नानक के पास के गांव पराचा का ये परिवार बंटवारे में पाकिस्तान जाते वक्त बिछड़ गया था

Updated On: Nov 27, 2018 03:38 PM IST

FP Staff

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1947 के बंटवारे के बाद अपने सिख भाई से अब जाकर मिलीं दो मुस्लिमें बहनें

गुरु नानक साहिब के जन्म स्थान ननकाना साहिब में रविवार को एक परिवार के लिए बहुत भावुक दिन रहा. 1947 में हुए बंटवारे के दौरान बिछड़े हुए तीन भाई-बहन 70 सालों बाद यहां मिले.

बंटवारे की हिंसा में बिछड़ चुके बेअंत सिंह अपनी मुस्लिम बहनों उल्फत बीबी और मैराज बीबी से रविवार को मिले. तीनों एक दूसरे से मिलते ही गले लग गए.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, डेरा बाबा नानक के पास के गांव पराचा का ये परिवार बंटवारे में पाकिस्तान जाते वक्त बिछड़ गया था.

बाद में बेअंत सिंह की मां अल्लाह रक्खी ने अपने किसी पुराने पड़ोसी के जरिए बेअंत सिंह का पता लगाया. इसके बाद दोनों बहनों की भाई से खत और फोन के जरिए ही बाततचीत हो पाती थी. लेकिन बीते रविवार को तीनों पहली बार मिले.

बेअंत सिंह इस बार गुरु नानक जयंती पर ननकाना साहिब के दर्शन के लिए सिखों के जत्थे के साथ पाकिस्तान की यात्रा की. इसी दौरान ये बिछड़ा हुआ परिवार एक हो पाया.

एक्सप्रेस ट्रिब्यून से उल्फत बीबी ने कहा कि उन्हें बेअंत की पत्नी और अपने भतीजों-भांजों से मिलने के लिए भारत जाने की अनुमति मिलनी चाहिए. दोनों बहनों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से बेअंत सिंह के वीजा की अवधि बढ़ाने को भी लेकर आग्रह किया.

बता दें कि भारत और पाकिस्तान सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर खोलने का ऐलान किया है, जिससे सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर साहिब जाने में सुविधा हो.

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