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पाकिस्तान को नए तरीके से सबक सिखाने की कोशिश में है ट्रंप प्रशासन

अमेरिका हर हाल में चाहता है कि पाकिस्तान या अफगानिस्तान में आतंकी ठिकाने न पनप पाएं. क्योंकि इन्हीं ठिकानों से आतंकी अमेरिका और सहयोगी देशों पर हमला करते हैं

Updated On: Jan 08, 2018 01:17 PM IST

Bhasha

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पाकिस्तान को नए तरीके से सबक सिखाने की कोशिश में है ट्रंप प्रशासन

ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान के साथ कुछ नया करना चाहता है. अमेरिका मानता है कि पाकिस्तान के साथ सब्र बनाए रखने और उसे लोभ-लालच देने का वक्त लद गया. ट्रंप प्रशासन की ये सारी कवायद पाकिस्तान से आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए है.

एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, 9/11 हमले के बाद अमेरिकी सरकारों ने जो  पाकिस्तान नीति अपनाई, उसने सही काम नहीं किया.

अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, अमेरिका हर हाल में चाहता है कि पाकिस्तान या अफगानिस्तान में आतंकी ठिकाने न पनप पाएं. क्योंकि इन्हीं ठिकानों से वे (आतंकवादी) अमेरिका और सहयोगी देशों पर हमला करते हैं.

उन्होंने कहा, ‘आतंकी ठिकाने अमन-चैन के लिए खतरा बन गए हैं. उन सभी आतंकी कारस्तानियों को तूल दे रहे हैं जिनका हम सामना करते हैं.’ अधिकारी ने कहा, जाहिर है ट्रंप प्रशासन ने काफी सब्र बनाए रखा और केरी-लुगर-बर्मन बिल जैसे लालच दिए (जिसके तहत पाकिस्तान को अरबों डॉलर का फंड मिला) लेकिन काम कुछ नहीं आया. आतंकी पाकिस्तान में बेधड़क अपना काम कर रहे हैं. सरकार और आतंकी गुटों के बीच साठगांठ भी है.'

अधिकारी ने कहा, ‘अब कुछ नया करने का वक्त आ गया है. अफगानिस्तान में  कुछ अच्छा करना है तो इन ठिकानों को नजरअंदाज नहीं कर सकते. राष्ट्रपति ट्रंप वहां शांति का माहौल कायम रखना चाहते हैं.’

बीते सप्ताह, ट्रंप प्रशासन ने पाक को दिया जाने वाला दो अरब डॉलर का फंड रोक दिया था. इस पर, पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा था कि अमेरिका अब पाकिस्तान का सहयोगी नहीं है.

अधिकारी ने कहा, ‘पाकिस्तान में 9/11 हमले की जड़ें हैं. हमनें अफगानिस्तान में अपने लोग और पैसा लगाया है. हम अफगानिस्तान में तालिबान को हावी नहीं होने देंगे. इसके लिए हमारी पूरी कोशिश है कि अफगानिस्तान या पाकिस्तान में आतंकी ठिकानें न पनप पाएं.’

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