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भारत में सरकारी सुविधाओं का लाभ लिया तो अमेरिका में नहीं मिलेगा ग्रीन कार्ड

फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, ड्रॉपबॉक्स, याहू और गूगल जैसी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ‘एफडब्लूडीडॉटयूएस’ ने इसका विरोध किया है

Updated On: Sep 23, 2018 04:18 PM IST

Bhasha

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भारत में सरकारी सुविधाओं का लाभ लिया तो अमेरिका में नहीं मिलेगा ग्रीन कार्ड

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ऐसे नए नियम तैयार किए हैं जिनके तहत उन प्रवासियों को ग्रीन कार्ड देने से इनकार किया जा सकता है जिन्होंने भोजन और नकद सहायता सहित अन्य प्रकार की सरकारी सहायता का लाभ उठाया है. साथ ही जो इनका लाभ उठा सकते हैं. इस नए नियम से अमेरिका में रह रहे हजारों भारतीय बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं.

गृह सुरक्षा मंत्री ने इन प्रस्तावित नियमों पर 21 सितंबर को हस्ताक्षर किए हैं और इसे मंत्रालय (डीएचएस) की वेबसाइट पर डाला गया है. वहीं सिलिकॉन वैली स्थित टेक-इंडस्ट्री और नेताओं ने इसकी आलोचना की है. नियम के मुताबिक ऐसे प्रवासी जो अपनी स्थिति और वीजा में बदलाव कराना चाहते हैं और जिन्होंने आने के लिए आवेदन दिया है. उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे किसी भी वक्त सरकारी सहायता नहीं लेंगे.

एच-4 वीजा पर भी जल्द लिया जा सकता है निर्णय

प्रवासियों पर ऐसा निर्णय उस वक्त आया है जब ट्रंप प्रशासन ने कुछ दिन पहले एक संघीय अदालत को बताया है कि वह एच-4 वीजा धारकों के वर्क परमिट को रद्द करने पर अगले तीन माह के अंदर कोई निर्णय ले लेगा. इस नीति का सर्वाधिक लाभ भारतीय अमेरिकी समुदाय के लोगों को मिला है. ओबामा काल के इस नियम के हटने से सबसे ज्यादा असर भारतीय महिलाओं पर पड़ेगा.

डीएचएस ने प्रस्ताव दिया है कि सभी प्रवासी जो रुकने के समय को बढ़ाना चाहते हैं और स्थिति में बदलाव चाहते हैं. उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने सरकारी सहायता का लाभ न तो उठाया है, न ही उठा रहे हैं और न ही आगे उठाएंगे. गृह सुरक्षा मंत्री क्रिस्टजेन नीलसेन ने कहा, ‘लंबे समय से चले आ रहे संघीय कानून के तहत अमेरिका में प्रवास की इच्छा रखने वालों को यह दिखाना होता है कि वे आर्थिक रूप से सक्षम है.’

फेसबुक, गूगल ने किया विरोध

उन्होंने कहा, ‘मंत्रालय नियम निर्माण में पारदर्शिता बरतने की अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरतापूर्वक लेता है और प्रस्तावित नियम पर लोगों की प्रतिक्रिया का स्वागत करता है.’ वहीं फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, ड्रॉपबॉक्स, याहू और गूगल जैसी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ‘एफडब्लूडीडॉटयूएस’ ने इसका विरोध किया है. आंकडो़ं के अनुसार, अप्रैल तक 6,32,219 भारतीय प्रवासियों को ग्रीन कार्ड का इंतजार था.

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