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सीरिया हमले की तस्वीरें शेयर करने से पहले जान लें प्रोपगैंडा

लोग मर रहे हैं मगर इन मरती हुई तस्वीरों को अलग-अलग प्रोपगैंडा के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है

FP Staff Updated On: Feb 26, 2018 04:07 PM IST

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सीरिया हमले की तस्वीरें शेयर करने से पहले जान लें प्रोपगैंडा

सीरिया में आम नागरिकों पर हुए हमले की खबरें और तस्वीरें दुनिया भर में घूम रहीं है. सोशल मीडिया पर ऐसी कई तस्वीरें शेयर हो रही हैं, जिनमें हमले का शिकार छोटे बच्चे हैं. सीरिया की आधिकारिक न्यूज़ एजेंसी 'साना' के अनुसार रविवार को हुए हवाई हमले में कम से कम 29 लोग मारे गए और कई घायल हैं.

ये हमले अल शफा और दरत अलओनी गांव में नागरिकों पर हुए. दुर्भाग्य से इस तरह के हमले सीरिया के लिए नई बात नहीं हैं. लंदन के एयर वॉर ऑर्गनाइज़ेशन के मुताबिक अमेरिकी लीडरशिप वाले इन हमलों में अब तक ईराक और सीरिया मिलाकर 5961 आम नागरिक मारे जा चुके हैं.

TRUE VS FAKE PHOTOS OF SYRIA (1)

सीरिया में मानवाधिकार पर नजर रखने वाली संस्था ने नवंबर 2017 में रिपोर्ट जारी की थी. इसका कहना था कि तीन साल में 2759 आम नागरिक मारे गए. इनमें से 644 बच्चे और 470 औरतों की मौत हुई.

क्या कहना है अमेरिका का

अमेरिका की मानें तो वो 2014 से दाएश (आईएसआईएस) के ठिकानों पर बमबारी कर रहे हैं. हालांकि इस बमबारी में अक्सर आम नागरिकों के मारे जाने की खबर आती है. सीरिया की सरकार ने इसको लेकर संयुक्त राष्ट्र में भी अपील की है. लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ है.

TRUE VS FAKE PHOTOS OF SYRIA (2)

एक और पक्ष भी है

एक ओर सीरिया में तमाम बेगुनाह मारे जा रहे हैं. दूसरी ओर तमाम सेंटिमेंट्स बनाने के लिए सीरिया के बच्चों और नागरिकों की तस्वीरों का इस्तेमाल हो रहा है. कभी ये काम रशियन्स करते हैं, कभी अमेरिका कभी आईएसआईएस और कभी कोई और.

अयलान कुर्दी याद है आपको, लाल शर्ट में समुद्र किनार पड़ी लाश ने दुनिया को हिला दिया था. बाद में एक विज्ञापन एजेंसी 'ग्रे' ने शरणार्थीयों की मदद के लिए ऐप लॉन्च किया. ये ऐप दावा करता था कि इससे मुसीबत में फंसे लोगों को रियलटाइम नैविगेशन मुहैया करवाता था. इस ऐप को नेटवर्क ऑफ द इयर का प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिल गया. बाद में पता चला कि ऐप फर्जी था. इसमें सिर्फ पुरानी तस्वीरें ही फीड थी.

TRUE VS FAKE PHOTOS OF SYRIA (3)

इसी तरह अमेरिकी मीडिया ने बाना अलाबेद नाम की एक 7 साल की लड़की को विक्टिम बनाकर पेश किया. मौत की जंग के बीच में ये लड़की ट्वीट करती थी. ताकि आईसिस के 'शैतानों' से बचाने के लिए सेनाएं आ जाएं. बाद में कई ऐसे सबूत सामने आए जिनसे बाना की विश्वसनीयता कटघरे में आ गई. वैसे भी जंग के दौरान डायरी लिखती लड़कियां हर अमेरिकी युद्ध में निकल ही आती हैं.

इसी तरह पिछले दो दिन से एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर हो रही है. इस तस्वीर में एक बच्चा एक कटा हुआ हाथ लिए है. शेयर करने वाले कह रहे हैं कि ये दुर्भाग्यशाली बच्चा अपनी मां का कटा हाथ लिए है. ये फेक तस्वीर है. असल में हैलोवीन में जॉम्बी का मेकअप किए हुए एक बच्चा नकली हाथ लिए हैं और चेहरे पर टमैटो सॉस लगा है. जो भी हो सीरिया में मर रहे लोग असली हैं. उनकी तकलीफ भी असली हैं. लेकिन इन तस्वीरों को फैलाने वाले लोगों के इंटेँशन कितने असली हैं पता नहीं.

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