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हाइफा में शहीद भारतीय सैनिकों को दी गई श्रद्धांजलि, 100 पहले बनाया था गौरवशाली इतिहास

इस्राइल ने 100 साल पहले हाइफा शहर को तुर्कों के कब्जे से मुक्त करवाने में अपनी जान न्यौछावर करने वाले भारतीय सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है.

Updated On: Sep 08, 2018 10:25 PM IST

Bhasha

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हाइफा में शहीद भारतीय सैनिकों को दी गई श्रद्धांजलि, 100 पहले बनाया था गौरवशाली इतिहास

इस्राइल ने 100 साल पहले हाइफा शहर को तुर्कों के कब्जे से मुक्त करवाने में अपनी जान न्यौछावर करने वाले भारतीय सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है. भारतीय सेना की जयपुर स्थित 61 कैवलरी का नौ सदस्यीय दल हाइफा की मुक्ति के सौ साल होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए इस्राइल गया हुआ था.

सैन्य प्रवक्ता कर्नल संबित घोष ने बताया कि कार्यक्रम में इस्राइल के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और हाइफा की हस्तियों के साथ-साथ इस्राइल में भारतीय राजदूत ने भी भाग लिया. प्रवक्ता के मुताबिक इस मौके पर भारतीय सैनिकों की वीरता की काफी प्रशंसा की गई. भारतीय दल शनिवार को भारत लौट आया. इन कार्यक्रमों का अगला चरण 22 सितंबर को जयपुर में होगा.

भारतीय सैनिकों का दिखा साहस

बता दें कि हाइफा की लडाई में राजस्थान के दलपत सिंह शेखावत के नेतृत्व में सैनिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और अपनी जान न्यौछावर की थी. इसमें पहले विश्व युद्ध के दौरान 1918 में भारतीय सैनिकों ने साहस दिखाते हुए इजरायल के हाइफा शहर को आजाद कराया था. तब भारतीय सेनिकों ने तुर्क साम्राज्य और जर्मनी के सैनिकों से मुकाबला किया था. माना जाता है कि हाइफा की लड़ाई के बाद ही इजरायल की आजादी के लिए रास्ता साफ हुआ था. इस युद्ध की खास बात यह रही कि इसमें भारतीय सैनिकों ने सिर्फ भाले, तलवार और घोड़ों की मदद से ही जर्मनी-तुर्की की मशीनगन से सजी सेना को शिकस्त दे दी थी. इसमें भारत के 44 जवान शहीद हुए थे.

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