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ट्रंप का 100 अरब डॉलर के चीनी उत्पादों पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव

इससे पहले 3 अप्रैल को चीन से आने वाले उत्पादों पर 25 प्रतिशत की ऊंची दर से शुल्क लगाने की घोषणा की थी, चीन ने बदले में अमेरिकी उत्पादों पर भी इसी तरह का शुल्क लगा दिया

Bhasha Updated On: Apr 06, 2018 05:07 PM IST

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ट्रंप का 100 अरब डॉलर के चीनी उत्पादों पर अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ व्यापार युद्ध को हवा देते हुए और 100 अरब डॉलर के चीनी उत्पादों पर ऊंचा शुल्क लगाने की संभावना तलाशने का अधिकारियों को निर्देश दिया है. यह कदम अमेरिका में आने वाले 1,300 प्रकार के चीन निर्मित उत्पादों के अलावा होंगे जिन पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया गया है.

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने पहले तीन अप्रैल को चीन से आने वाले चुनिंदा उत्पादों पर 25 प्रतिशत की ऊंची दर से शुल्क लगाने की घोषणा की थी. इसके बाद चीन ने बदले में अमेरिकी उत्पादों पर भी इसी तरह का शुल्क लगाने का निर्णय लिया था.

ट्रंप ने कहा कि अतिरिक्त शुल्क का यह निर्णय चीन की जवाबी कार्रवाई के बदले में हैं. ट्रंप ने यहां एक बयान में कहा, ‘चीन अपनी गलतियों को सुधारने के बजाए हमारे किसानों और उत्पादकों को नुकसान पहुंचाना चाहता है. चीन के अनुचित प्रत्युत्तर को देखते हुए मैंने यूएसटीआर से यह देखने को कहा है कि क्या धारा 301 के तहत 100 अरब डॉलर के अतिरिक्त आयात पर शुल्क लगाना संभव है और यदि हां तो उन उत्पादों की पहचान की जाए जिनपर ये शुल्क लगाए जा सकते हैं.’

उन्होंने चीन पर अमेरिका की बौद्धिक संपदा को गलत तरीके से हथियाने का काम लगातार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यूएसटीआर की जांच में चीन की कार्यप्रणाली को विस्तार से दर्ज किया गया है और उससे विश्वभर में चिंता है.

ट्रंप ने कहा कि चीन की अवैध व्यापार गतिविधियों को अमेरिका ने वर्षों नजरअंदाज किया है. इससे हजारों अमेरिकी कारखाने बर्बाद हुए और लाखों लोग बेरोजगार हुए. ट्रंप ने कृषि मंत्री को भी निर्देश दिया है कि वे अमेरिकी किसानों एवं कृषि हितों की सुरक्षा के लिए एक योजना पर अमल करें.

अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर ने ट्रंप के इस प्रस्ताव को चीन की हालिया धमकी का उचित प्रत्युत्तर करार दिया.

इस बीच ट्रंप ने अपने निर्णय का बचाव करते हुए पश्चिमी वर्जिनीया में कारोबारियों की एक गोलमेज बैठक में कहा कि इससे पहले किसी भी राष्ट्रपति ने चीन पर कार्रवाई का निर्णय नहीं लिया. उन्होंने कहा, ‘कई सालों से किसी राष्ट्रपति ने आर्थिक तौर पर चीन का विरोध नहीं किया. हम यह करने जा रहे हैं.’

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