S M L

बॉडी क्लॉक की गुत्थी सुलझाने वालों को मिला मेडिसिन का नोबेल

धरती पर जितनी भी ज़िंदा चीज़ें हैं, जैसे पेड़-पौधे, इंसान, जानवर और जीवाणु उनके अंदर एक घड़ी या बायोलॉजिकल रिदम होती है

Updated On: Oct 03, 2017 07:06 PM IST

FP Staff

0
बॉडी क्लॉक की गुत्थी सुलझाने वालों को मिला मेडिसिन का नोबेल

चिकित्सा के क्षेत्र में इस साल तीन वैज्ञानिकों जेफ्री सी हॉल, माइकल रोसबाश और माइकल डब्ल्यू यंग को नोबल पुरस्कार देने की घोषणा की गई है. इन तीनों ने एक ऐसे मैकेनिज्म को खोजा है जो हमारे भीतर सर्काडियन रिदम यानी बायोलॉजिकल क्लॉक को चलाता है.

यह बायोलॉजिकल क्लॉक है क्या?

दरअसल, धरती पर जितनी भी ज़िंदा चीज़ें हैं, जैसे पेड़-पौधे, इंसान, जानवर और जीवाणु उनके अंदर एक घड़ी या बायोलॉजिकल रिदम होती है. हम सब इसी घड़ी के हिसाब से चलते हैं. इसी की वजह से चमगादड़ रात में जागते हैं और मनुष्य सोते हैं. इसी घड़ी के चलते मनुष्य सुबह जागता है और रात में सो जाता है.

ये रिदम हम सबको इस ग्रह पर दिन-रात और इसी तरह के बाकी प्राकृतिक चक्रों के साथ सामंजस्य स्थापित करने में मदद करते हैं. इसे आम बोलचाल की भाषा में बायोलॉजिक क्लॉक कहा जाता है. यह बायोलॉजिक क्लॉक हमारे खाने-पीने की आदतों, हॉर्मोन के स्तर, ब्लड प्रेशर और शरीर के तापमान को नियमित रखने में भी मदद करता है.

(साभार: न्यूज़18)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi