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ट्रंप को तालिबान का लव लेटर

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने ट्रंप को अमन का संदेश भेजा है

Updated On: Nov 21, 2016 09:07 AM IST

Krishna Kant

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ट्रंप को तालिबान का लव लेटर

अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद को ट्रंप से प्यार हो गया है. खुफिया सूत्रों से प्राप्त सार्वजनिक सूचनाओं के मुताबिक, मियां मुजाहिद ने ट्रंप को जबानी लव लेटर भेजा है. पता नहीं कौन हल्ला उड़ा रहा है कि ट्रंप मुसलामानों को लेकर कट्टर विचार रखते हैं. हमें तो दोनों में बड़ा याराना लगता है.

बीबीसी की मानें तो मियां मुजाहिद ने कहा है कि 'डोनाल्ड ट्रंप को हमारा संदेश यह है कि अमरीका को विकसित करने की नीति दूसरे देशों की आजादी छीनने वाली न हो. इसमें दूसरे देशों की बर्बादी पर अपने राष्ट्रीय हित न देखे जाएं. ताकि दुनिया अमन के साथ रहे और मौजूदा जारी संकट खत्म हो.'

मियां मुजाहिद ने ट्रंप से यह भी अपील की है कि अफगानिस्तान से सेना वापस बुला ली जाए. अब बताइए कि आपको यह अपील पढ़कर डेमोक्रेटिक टाइप फीलिंग आ रही है कि नहीं? हमको तो आ रही है. तालिबान कट्टरपंथी संगठन है, यह एक अफवाह है. मियां मुजाहिद ने जो कुछ भी कहा है उसका मतलब यह निकाला जाए कि किसी की आजादी न छीनी जाए. गोली मार दी जाए, बम से उड़ा दिया जाए, सर कलम कर दिया जाए, लेकिन किसी की आजादी न छीनी जाए. स्कूल जला दिए जाएं, धमाके करके उड़ा दिए जाएं, बच्चों को लाइन में खड़ा करके गोलियों से उड़ा दिया जाए, लेकिन किसी की आजादी न छीनी जाए.

दुनिया को धर्म के हिसाब से चलाने की सनक पाल ली जाए, भयानक खून—खराबा मचा दिया जाए, लेकिन किसी की आजादी न छीनी जाए. चुने हुए नेता को मार दिया जाए, लोकतांत्रिक संस्थाओं को उड़ाकर धुआं कर दिया जाए, गुलजार बस्तियों को नेस्तनाबूद कर दिया जाए, लेकिन किसी की आजादी न छीनी जाए. बच्चों के दिमाग में जेहाद का कूड़ा भर दिया जाए, उनको स्कूलों से निकाल कर उनके दिमाग में हूरों की सनक भर दी जाए, लेकिन किसी की आजादी न छीनी जाए.

अंकल सैम ने शांति कायम की?

मियां मुजाहिद ने गलत भी क्या कहा है! अमेरिका उर्फ अंकल सैम भी तो ऐसी ही शांति की अपीलें करता है. अमेरिका का शांति स्थापित करने का कारनामा भी क्या कम है! अफगानिस्तान में शांति कायम हो गई. इराक में शांति कायम हो गई. सीरिया में शांति कायम हो गई. लीबिया में शांति कायम हो गई. फिलीस्तीन में शांति कायम हो गई. पाकिस्तान में शांति कायम हो गई.

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यही इतने देश नहीं देश नहीं हैं जहां अंकल सैम ने शांति कायम की है. जितनी मेरी जानकारी है, अंकल सैम की सीआईए ने अल्बानिया में शांति कायम की, तिब्बत में शांति कायम की, ईरान में शांति कायम की, ग्वातेमाला में शांति कायम की, कांगो में शांति कायम की, क्यूबा में शांति कायम की, वियतनाम में शांति कायम की, बोलिविया में शांति कायम की, ब्राजील में शांति कायम की, घाना में शांति कायम की, चिली में शांति कायम की, तुर्की में शांति कायम की, निकारागुआ में शांति कायम की, यूगोस्लाविया में शांति कायम की. अब इन देशों में शांति ही शांति है. एकदम सन्नाटा.

अंकल सैम का जापान में लड़ा गया ऐतिहासिक शांतियुद्ध किसे नहीं पता है. इतनी भयानक शांति के लिए दुनिया में सारा संघर्ष है. अंकल सैम जब शांति स्थापित करने के मामले में विश्वगुरु हैं. वे जब शांति स्थापित करने निकलते हैं तो बम, गोले, तोप, लड़ाकू विमान, गन, परमाणु हथियार सब साथ लेके निकलते हैं. जिधर-जिधर से गुजरते जाते हैं शांति कायम होती जाती है.

कहने का मतलब है कि जिधर बस्तियां आबाद होंगी, उधर जीवन का कोलाहल होगा. अंकल सैम बस्तियां बारूद में बदलते जाते हैं और शांति का साया पसरता जाता है. तालिबान को ऐसी ही शांति पसंद है. अमेरिका धुआं उड़ाता है और तालिबान हलाल करने में भरोसा रखता है. गर्दन रेत रेत कर हलाल करने से ज्यादा जाहिल शांति आती है.

तो भैया! दुनिया के लिए इससे अच्छी खबर क्या हो सकती है कि मियां मुजाहिद ने अंकल सैम को अमन का संदेश भेजा है. आइए उम्मीद करें कि जल्दी ही दोनों शांति स्थापना का मैच खेलेंगे.

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