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थाईलैंड: गुफा में फंसे बच्चों और कोच को बचाने के लिए किए जा रहे हैं ये उपाय

गुफा के प्रवेश द्वार तक जाने वाला रास्ता काफी लंबा है और लगभग पूरी तरह पानी में डूबा हुआ है

Updated On: Jul 06, 2018 04:47 PM IST

FP Staff

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थाईलैंड: गुफा में फंसे बच्चों और कोच को बचाने के लिए किए जा रहे हैं ये उपाय
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थाईलैंड में 12-16 साल के फुटबॉल प्लेयर्स और उनके कोच को ढूंढ़ने वाली टीम अब उस रास्ते की खोज में है जिसके जरिए उन्हें बाहर निकाला जा सके. बच्चों को सुरक्षित गुफा के बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण है. 12 बच्चों और उनके फुटबॉल कोच को बाहर निकालने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं है.

गुफा की एंट्री तक वापस आने का रास्ता लंबा, पानी में डूबा हुआ और दलदल से भरा है. यह संभव है कि कुछ लड़के उस रास्ते तैर के निकल सकते हैं लेकिन मुश्किल यह है कि सभी बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से काफी कमजोर हो चुके हैं. वे 12 दिनों यानी 288 घंटों से एक अंधेरी और पानी से भरी गुफा में फंसे हुए हैं. बताया जा रहा है कि कम्युनिकेशन माध्यम से बच्चों की बात उनके परिजनों से करवाने की कोशिश हो रही है ताकि उन्हें मेंटल सपोर्ट मिल सके.

गुफा के प्रवेश द्वार तक जाने वाला रास्ता काफी लंबा है और लगभग पूरी तरह पानी में डूबा हुआ है. बच्चों को बाहर निकालने के कुछ रास्ते हैं जिस पर राहत और बचाव दल विचार कर रहे हैं.

पानी बाहर निकलने का इंतजार

यह सबसे सुरक्षित और सीधा विकल्प है लेकिन इसमें काफी लंबा वक्त लगेगा. जापान के इंजीनियर पंपिंग सिस्टम के जरिए वॉटर लेवल कम करने की कोशिश की जा रही है लेकिन इससे हर घंटे सिर्फ 1 सेंटीमीटर पानी ही बाहर निकल रहा है. अगर वह ऐसा करने में कामयाब रहते हैं तो संभावना है कि बच्चे पैदल बाहर आ सकते हैं. इन सब में बड़ी समस्या मौसम भी है. उत्तरी थाईलैंड में भारी बारिश की आशंका जताई जा रही है. ऐसे में पहाड़ों के जरिए आने वाला पानी गुफा को तेजी से भर देगा.

चिमनी के जरिए बाहर निकालना

इस विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है कि बच्चों को एक चिमनी के जरिए बाहर निकाला जाए. 10 किलोमीटर लंबी गुफा में इस बात की संभावना है कि कोई अनदेखी चिमनी (संकरा रास्ता) हो जो ऊपर की ओर खुलता हो.

राहत और बचाव दल में शामिल लोगों को यह पता है कि बच्चे और उनके कोच जहां फंसे हुए हैं वहां से कोई रास्ता नहीं है लेकिन गुफा बाहर निकलने का वैकल्पिक रास्ता जरूर होगा.

चियांग राय के गवर्नर नारोंगसाक ओसोटानाकोर्न ने कहा, 'सभी रेस्क्यू मेंबर उस जगह के करीब किसी चिमनी की खोज कर रहे हैं जहां बच्चे फंसे हैं.'

गुफा में गोताखोरी का ट्रेनिंग

राहत और बचाव दल के लोगों को मानना है कि सबसे स्पष्ट विकल्प है, लड़कों को गुफा में गोताखोरी सिखाई जाए. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह काफी कठिन और जोखिम भरा होगा. एक स्वस्थ वयस्क को स्कूब डाइविंग सीखने में कम से कम तीन दिन लगते हैं. वह भी आमतौर पर शांत, साफ पानी और दिन के उजाले में.

गुफा में काफी अंधेरा है और यहां बाढ़ का बहने वाला गंदा पानी है, जिसमें विजिबिलिटी लगभग न के बराबर है. ऐसे में यह काफी जोखिम भरा होगा.

बचाव दल की सहायता कर रहे जर्मनी के एक डाइविंग तकनीकी सलाहकार टॉरस्टन लेक्लर ने कहा कि  लड़कों को बेसिक स्किल्स सिखाए जाएंगे, जैसे डाइविंग उपकरण पहनना और मास्क के माध्यम से सांस लेना.

एक बच्चे को स्काउट के तौर पर भेजना

अगर राहत और बचाव दल गोताखोरी के विकल्प पर सहमत होते हैं तो बच्चों का डर खत्म करने का सही रास्ता होगा कि उनमें से किसी एक सबसे ज्यादा विश्वस्त को पहले भेजा जाए. अगर कोई एक बच्चा स्वेच्छा से आगे आए और बाहर निकले तो हम उसकी तस्वीर दिखा कर बाकियों को भी प्रोत्साहित कर सकेंगे.

फ्लोटिंग पैकेज्स

ब्रिटिश केवर व्हाइटहाउस ने कहा कि उन्हें किसी पैकेज में लाया जा सके. कल्पना करें कि उन्हें एक एयर बॉटल के स्ट्रेचर में ले जाएं और बाहर निकाल दें, जिसमें खुद तैरने की जरूरत नहीं है. हालांकि थाई अधिकारियों ने इस विकल्प की बात नहीं की है. गुफा के रास्ते पतले और घुमावदार हैं और यह भी गारंटी नहीं है कि इससे वे बाहर ही निकल पाएं.

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