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हम गरीबी से लड़ रहे हैं लेकिन पाकिस्तान हमसे लड़ रहा है: सुषमा स्वराज

प्रधानमंत्री मोदी ने सुषमा के दिए भाषण में विश्व को आतंकवाद के खतरे को समझाने की तारीफ की है

Updated On: Sep 23, 2017 10:08 PM IST

FP Staff

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हम गरीबी से लड़ रहे हैं लेकिन पाकिस्तान हमसे लड़ रहा है: सुषमा स्वराज

विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने शनिवार को संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा (यूएनजीए) को संबोधित करते हुए पाकिस्तान को खरी-खरी सुनाया. सुषमा ने पाकिस्तान को दुनिया के लिए आतंकवाद पैदा करने वाला देश करार दिया. उन्होंने कहा कि भारत जहां गरीबी से लड़ रहा है वहीं पाकिस्तान हमसे लड़ रहा है.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 72वें सत्र में अपने भाषण की शुरूआत करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र जिन समस्याओं का समाधान तलाश रहा है उनमें आतंकवाद सबसे ऊपर है.'

22 मिनट के दिए अपने भाषण में सुषमा स्वराज ने दुनिया के मंच से पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई. उन्होंने पाकिस्तानी नेताओं से कहा कि वो इस बारे में आत्ममंथन करें कि भारत क्यों वर्ल्ड आईटी सुपरपावर के तौर पर जाना जाता है जबकि पाकिस्तान की पहचान दुनिया में ‘आतंकवाद की फैक्ट्री’ के तौर पर होती है.

विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे बेहतर संस्थान बनाए हैं. मगर पाकिस्तान ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिद्दीन और हक्कानी नेटवर्क जैसे आतंकी संगठनों को खड़ा किया है.

अपने भाषण में उन्होंने कहा, ‘अगर हम अपने शत्रु को परिभाषित नहीं कर सकते तो फिर मिलकर कैसे लड़ सकते हैं? अगर हम अच्छे आतंकवादियों और बुरे आतंकवादियों में फर्क करना जारी रखते हैं तो साथ मिलकर कैसे लड़ेंगे? अगर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आतंकवादियों को सूचीबद्ध करने पर सहमति नहीं बना पाती है तो फिर हम मिलकर कैसे लड़ सकते हैं?’

सुषमा सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य चीन का परोक्ष रूप से हवाला दे रही थीं जिसने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को प्रतिबंधित करने के भारत के प्रयास को बार-बार रोकने का काम किया है.

स्वीकार करें कि आतंकवाद मानवता के अस्तित्व के लिए खतरा है

उन्होंने कहा, ‘मैं इस सभा से विनती करना चाहूंगी कि इस बुराई को आत्म-पराजय और निरर्थक अंतर के साथ देखना बंद किया जाए. बुराई तो बुराई होती है. आइए स्वीकार करें कि आतंकवाद मानवता के अस्तित्व के लिए खतरा है. इस निर्मम हिंसा को कोई किसी तरह से उचित नहीं ठहरा सकता.’

सुषमा ने नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पिछले तीन साल में किए गए जन कल्याण के कामों को गिनाया. सुषमा ने नोटबंदी को भ्रष्टाचार से पैदा हुए ‘काले धन’ को चुनौती देने की दिशा में उठाया गया साहसिक फैसला बताया. उन्होंने कहा कि गरीबी को दूर करना टिकाऊ विकास का पहला लक्ष्‍य है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दिए भाषण की तारीफ की है. अपने ट्वीट में पीएम मोदी ने लिखा कि सुषमा स्वराज ने आतंकवाद के खतरे का बखूबी से बयान किया है.

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