S M L

श्रीलंका ने हंबनटोटा बंदरगाह चीन को 99 सालों के लिए सौंपा

बनटोटा बंदरगाह दक्षिण भारत के काफी करीब है लेकिन चीन के इस कदम के बाद भारत को दक्षिण में भी अपनी सुरक्षा पर खास ध्यान देना होगा

Updated On: Dec 09, 2017 07:36 PM IST

Bhasha

0
श्रीलंका ने हंबनटोटा बंदरगाह चीन को 99 सालों के लिए सौंपा

श्रीलंका ने रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण हंबनटोटा बंदरगाह को शनिवार को औपचारिक तौर पर चीन को 99 साल के पट्टे पर दिया है.

अधिकारियों ने बताया कि चाइना मर्चेंट्स पोर्ट होल्डिंग्स कंपनी द्वारा प्रबंधित हंबनटोटा इंटरनेशनल पोर्ट ग्रुप और हंबनटोटा इंटरनेशनल पोर्ट सर्विसेज और श्रीलंका पोर्ट्स् अथॉरिटी इस बंदरगाह और इसके आसपास के निवेश क्षेत्र को नियंत्रित करेंगे.

श्रीलंका के तत्कालीन रक्षा मंत्री रवि करुणनायके ने पिछले साल कहा था कि श्रीलंका पर चीन का आठ अरब डॉलर कर्ज है.

मौजूदा प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने संसद में बंदरगाह का स्वामित्व हस्तांतरण समारोह में कहा, ‘इस करार के साथ हमने कर्ज लौटाना शुरू कर दिया है. हंबनटोटा हिंद महासागर में महत्वपूर्ण बंदरगाह के तौर पर उभरेगा.’ विपक्ष इस करार को देश की संपत्ति बेचना करार दिया है.

सामरिक विशेषज्ञ इसे चीन द्वारा भारत को हिंद महासागर में घेरने की रणनीति के तौर पर भी देख रहे हैं. चीन कई सालों से हिंद महासागर स्थित देशों और द्वीपों पर सामरिक तौर पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश में लगा है.

हंबनटोटा बंदरगाह दक्षिण भारत के काफी करीब है. अब तक सामरिक दृष्टिकोण से दक्षिण भारत सुरक्षित माना जाता रहा है. लेकिन चीन के इस कदम के बाद भारत को दक्षिण में भी अपनी सुरक्षा पर खास ध्यान देना होगा.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi