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इस फुटबॉल प्लेयर के खिलाफ अमेरिका में क्यों जलाए जा रहे हैं नाइकी के जूते?

पूर्व एनएफएल प्लेयर कॉलिन केपरनिक के चेहरे को ब्रांड के ऐड का नया चेहरा बनाने के बाद से ही अमेरिका में नाइकी का विरोध शुरू हो गया है

Updated On: Sep 05, 2018 04:15 PM IST

FP Staff

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इस फुटबॉल प्लेयर के खिलाफ अमेरिका में क्यों जलाए जा रहे हैं नाइकी के जूते?

2016 में अमेरिका में राष्ट्रवाद का मुद्दा तब जोरों-शोरों से उठा था, जब नेशनल फुटबॉल लीग में उस वक्त सैन फ्रान्सिस्को 49ers की ओर से क्वार्टरबैक प्लेयर कॉलिन केपरनिक ने एक मैच से पहले अमेरिकी राष्ट्रगान पर सावधान की मुद्रा में खड़े रहने से इनकार कर घुटनों के बल बैठे थे. केपरनिक ने उस वक्त अमेरिका भर में अश्वेत लोगों के खिलाफ हो रहे नस्लीय हमलों और पुलिस शूटिंग का विरोध करने का वो रास्ता चुना था.

अब केपरनिक फिर चर्चा में हैं. अपैरल और फुटवियर ब्रांड नाइकी ने केपरनिक को अपने नए एडवर्टाइजिंग कैंपेन का चेहरा बनाया है. केपरनिक के चेहरे को ब्रांड के ऐड का नया चेहरा बनाने के बाद से ही अमेरिका में नाइकी का विरोध शुरू हो गया है.

वहां लोग विरोध में नाइकी के शूज़ जला रहे हैं, निवेशकों ने अपने शेयर बेच दिए हैं और ग्राहकों ने कंपनी का बायकॉट करने की मांग उठाई है. पहली नजर में देखें तो कंपनी फिलहाल बड़ा विरोध झेल रही है लेकिन मार्केटिंग एक्सपर्ट की मानें तो इसमें कंपनी को ही फायदा है. बाजार के विशेषज्ञों ने कहा कि ये सबकुछ वही है, जो कंपनी को चाहिए था और कंपनी इसमें सफल भी होगी.

स्ट्रेटजी कंसल्टिंग फर्म विवाल्डी के सीईओ एरिक जोकिमस्टेलर ने कहा कि नाइकी के लिए इससे पैसे ही आएंगे. वो पहले ही ऐसे विद्रोही एटिट्यूड की ब्रांडिंग करते रहे हैं और अब केपरनिक को चुनकर वो ब्रांड को और मजबूत कर रहे हैं.

नाइकी केपरनिक को 2011 से स्पॉन्सर करती रही है और कंपनी ने कहा है कि वो अपने स्लोगन 'Just Do It' के 30वीं एनिवर्सिरी के कैंपेन में कई दूसरे चेहरों में केपरनिक को भी शामिल करेगी.

कंपनी ने इस नए कैंपेन में केपरनिक के चेहरे के साथ लिखा है, 'अपना विश्वास बनाए रखो. भले ही इसके लिए सबकुछ छोड़ना पड़े (Believe in something. Even if it means sacrificing everything).' मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि नाइकी को पता है कि उसके कस्टमर 14-22 साल की उम्र के युवा हैं और उन्हें ये एटीट्यूड पसंद है.

एनएफएल एपिसोड होने के बाद केपरनिक को एनएफएल से अलग होना पड़ा और अभी वो किसी भी टीम का हिस्सा नहीं हैं.

सोमवार को ये कैंपेन लॉन्च हुआ और फिर इसका विरोध शुरू होने के बाद से कंपनी के शेयर में अबतक 4 प्रतिशत की गिरावट आई है. बायकॉट करने की मांग के बाद से सोशल मीडिया पर लोग अपना विरोध जता रहे हैं और इसके बारे में बात कर रहे हैं. सोशल मीडिया एनालिसिस फर्म टॉकवॉकर ने बताया है कि पिछले 24 घंटों में सोशल मीडिया पर 20 लाख से ज्यादा बार नाइकी को मेंशन किया गया है.

2016 में हुई घटना पर कॉलिन केपरनिक के आलोचकों में से एक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी रहे हैं. उन्होंने उस वक्त केपरनिक के इस कदम को कृतघ्न और अपमानजनक बताया था. उन्होंने मंगलवार को एक इंटरव्यू में नाइकी के इस कैंपेन को एक भयावह फैसला बताया. ट्रंप ने उस वक्त एनएफएल पर अपने खिलाड़ियों को ऐसा बर्ताव न करने देने का दबाव बनाया था, जिसे एनएफएल को मानना पड़ा था लेकिन नाइकी के कैंपेन में केपरनिक को लिए जाने के इस फैसले की एनएफएल ने भी सराहना की है.

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