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म्यांमार में रोहिंग्या लोगों के लिए ‘सुरक्षित जोन’ बनाए जाने चाहिए: शेख हसीना

शेख हसीना ने आरोप लगाया कि रोहिंग्या लोग स्वदेश लौट नहीं पाएं इसके लिए म्यांमार के प्रशासन ने सीमा पर बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं

Bhasha Updated On: Sep 22, 2017 11:14 AM IST

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म्यांमार में रोहिंग्या लोगों के लिए ‘सुरक्षित जोन’ बनाए जाने चाहिए: शेख हसीना

रोहिंग्या लोगों के पलायन के बीच एक अच्छी खबर आई है. म्यांमार में उनके लिए सुरक्षित जोन बनाया जा सकता है. प्रस्ताव दिया है बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने.

प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि म्यांमार में सुरक्षित जोन बनाया जाना चाहिए. इसे यूएन की निगरानी में बनाया जा सकता है. शेख हसीना ने गुरूवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा, ‘यह लोग रक्षा, सुरक्षा और सम्मान के साथ स्वदेश लौट सकें.’ संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि राखाइन प्रांत में सैनिक कार्रवाई के कारण रोहिंग्या समुदाय के चार लाख 20 हजार से अधिक मुसलमान जान बचा कर बांग्लादेश भाग गए हैं.

रोहिंग्या लोगों के लिए म्यांमार सरकार ने बिछाए हैं बारूदी सुरंग 

शेख हसीना ने आरोप लगाया कि रोहिंग्या लोग स्वदेश लौट नहीं पाएं इसके लिए म्यांमार ने सीमा पर बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं. उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र को तत्काल कदम उठाने चाहिए.

उन्होंने रोहिंग्या मुसलमानों की सुरक्षा के लिए पांच सूत्रीय योजना पेश की. इसमें संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में म्यांमार में ही ‘सुरक्षित जोन ’ बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है.

शेख हसीना ने कहा कि म्यांमार को हिंसा और ‘जातीय सफाए’ की कार्रवाई बंद करनी चाहिए. संयुक्त राष्ट्र के तथ्यात्मक खोज अभियान को मंजूरी देने के लिए सहमत होना चाहिए. विस्थापितों की वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए और रोहिंग्या समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का सुझाव देने वाली रिपोर्ट को लागू करना चाहिए.

सुरक्षित जोन के लिए चीन की मंजूरी जरूरी 

रोहिंग्या उग्रवादियों ने 25 अगस्त को एक पुलिस चौकी पर हमला किया था जिसके बाद उनके खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू हुई थी.

इस ‘सुरक्षित क्षेत्रों’ के निर्माण के लिए सुरक्षा परिषद की मंजूरी जरूरी है, जिसमें शामिल चीन के पास वीटो का अधिकार है.

म्यांमार में 11 लाख की आबादी वाले रोहिंग्या समुदाय के लोग वर्षों से भेदभाव के शिकार रहे हैं. इन्हें नागरिकता से वंचित रखा गया है.

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