S M L

वैज्ञानिकों ने कहा प्लूटो को फिर से ग्रह माना जाए

पिछले 200 साल के वैज्ञानिक साहित्य की समीक्षा की और पाया कि सिर्फ 1802 के एक प्रकाशन में ग्रह के वर्गीकरण के लिए स्पष्ट कक्षा की जरूरत का इस्तेमाल किया गया है

Updated On: Sep 09, 2018 08:15 PM IST

Bhasha

0
वैज्ञानिकों ने कहा प्लूटो को फिर से ग्रह माना जाए

वैज्ञानिकों का कहना है कि प्लूटो से गलत तरीके से ग्रह का दर्जा छीना गया है और इसे फिर से ग्रहों की श्रेणी में रखना चाहिए. खगोलविदों के वैश्विक समूह अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ (आईएयू) ने 2006 में ग्रह की एक परिभाषा स्थापित की थी जिसके तहत ग्रह को अपनी कक्षा को 'स्पष्ट' करना जरूरी है. पड़ोसी ग्रह वरूण का गुरुत्व बल प्लूटो पर प्रभाव डालता है और प्लूटो कुइपर बेल्ट में अपनी कक्षा बर्फीली गैसों और पिंडों से साझा करता है. इसका मतलब प्लूटो ग्रह के दर्जे से बाहर है.

इकारस नाम के जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि ग्रहों के वर्गीकरण के लिये यह मानक अनुसंधान साहित्य से मेल नहीं खाता. उन्होंने पिछले 200 साल के वैज्ञानिक साहित्य की समीक्षा की और पाया कि सिर्फ 1802 के एक प्रकाशन में ग्रह के वर्गीकरण के लिए स्पष्ट कक्षा की जरूरत का इस्तेमाल किया गया है. और यह तब की अपुष्ट तार्किकता पर आधारित थी.

उपग्रह जैसे शनि के टाइटन और बृहस्पति के यूरोपा को गैलीलियो के वक्त से ही ग्रह विज्ञानियों द्वारा ग्रह कहा जाता था. अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल फ्लोरिडा के ग्रह विज्ञानी फिलिप मेट्जगर ने कहा, 'आईएयू परिभाषा कहती है कि ग्रह विज्ञान का मूल उद्देश्य, ग्रह को उस परिकल्पना पर परिभाषित किया जाना था जिसे किसी ने अपने अनुसंधान में इस्तेमाल नहीं किया हो.'

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi