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NSG में सदस्यता पर चीन-पाक को रूस का झटका, किया भारत को समर्थन

'परमाणु परीक्षण के मामले में भारत का परमाणु अप्रसार का शानदार रिकॉर्ड है'

Updated On: Dec 07, 2017 07:47 PM IST

FP Staff

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NSG में सदस्यता पर चीन-पाक को रूस का झटका, किया भारत को समर्थन

रूस ने एक बार फिर भारत के साथ अपनी पुरानी दोस्ती का सबसे बड़ा सबूत दिया है. परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह एनएसजी की सदस्यता के मुद्दे पर चीन और पाकिस्तान को झटका देते हुए रूस ने भारत का समर्थन किया है. रूस ने साफ कहा कि NSG की सदस्यता के लिये भारत की पाकिस्तान के साथ तुलना नहीं की जा सकती है.

रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर से भारत की सदस्यता का समर्थन किया और कहा कि परमाणु परीक्षण के मामले में भारत का परमाणु अप्रसार का शानदार रिकॉर्ड है जबकि पाकिस्तान के बारे में ऐसा नहीं का जा सकता है. पाकिस्तान परमाणु अप्रसार की योग्यता के पैमाने में खरा नहीं उतरता है.

रूस के बयान से NSG के मुद्दे पर भारत की दावेदारी का विरोध करने वाले चीन को भी बड़ा झटका मिला है. चीन लगातार 48 सदस्यों वालें NSG में भारत की सदस्यता की राह में अड़ंगा लगाने का ही काम करता आया है. चीन मेरिट के आधार पर भारत को NSG की सदस्यता देने का विरोध करता है. दरअसल भारत के विरोध के पीछे चीन की रणनीति है कि NSG का विस्तार कर उसमें पाकिस्तान को भी शामिल कराया जाए लेकिन ज्यादातर देश NSG में पाकिस्तान की सदस्यता के खिलाफ हैं.

रूस के उप विदेश मंत्री ने कहा कि ‘हम इस मामले में मुश्किलों को समझते हैं लेकिन हम उन देशों की तरह नहीं हैं जो केवल बात करते हैं. हम व्यवहारिक रूप से कोशिश कर रहे हैं. हम इस मुद्दे पर चीन के साथ तमाम स्तरों पर बातचीत कर रहे हैं’.

वहीं उन्होंने ये भी कहा कि NSG में भारत की सदस्यता को लेकर दूसरे देशों की तरफ से भी सकारात्मक प्रयासों की जरुरत है. NSG ग्रुप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परमाणु व्यापार को नियंत्रित करती है.

साथ ही रूस ने भारत को वासनर व्यवस्था की सदस्यता मिलने की संभावना भी जताई है. वासनर व्यवस्था पारंपरिक हथियार, दोहरे इस्तेमाल की वस्तुओं और प्रौद्योगिकी के लिये एक  निर्यात नियंत्रण व्यवस्था है.

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