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रूस ने बनाया दुनिया का पहला तैरता हुआ परमाणु संयंत्र

रूस का कहना है कि इससे सालाना 50 हजार टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन रोका जा सकता है

Updated On: May 20, 2018 04:20 PM IST

FP Staff

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रूस ने बनाया दुनिया का पहला तैरता हुआ परमाणु संयंत्र

रूस ने शनिवार को दुनिया का पहला तैरता परमाणु ऊर्जा संयंत्र दुनिया के सामने पेश किया. रूस ने इसको मुरमंस्क शहर के एक बंदरगाह से समुद्र में उतारा.

ये रूसी जहाज एक परमाणु रिएक्टर है. जो अगले एक साल तक समुंद्र के सफर पर रहेगा. अपने सफर के दौरान सबसे पहले यह पूर्वी रूस के शहर पेवेक जाएगा. इसको पूर्वी साइबेरिया ले जाने से पहले बंदरगाह पर सयंत्र में परमाणु ईंधन भरा जाएगा.

इसे 'अकाडेमिक लोमोनोसोव' नाम दिया गया है. इसका मकसद पूर्वी और उत्तरी साइबेरिया के दूरदराज के इलाकों में बिजली आपूर्ति करना और ऑयल रिफाइनिंग करना है. इसका निर्माण सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोस्तम ने सेंट्स पीटरसबर्ग में बनाया है. यह परमाणु सयंत्र दो लाख की आबादी की बिजली की जरूरतों को पूरा कर सकता है.

इस परमाणु ऊर्जा संयंत्र की लंबाई 144 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर और वजन 21,000 टन है. इसमें 35 मेगावाट के दो न्यूक्लियर रिएक्टर हैं, जो रिएक्टर बर्फ के पहाड़ों को काटने वाले आइसब्रेकर शिप के रिएक्टर जैसे हैं.

इससे दूरदराज के इलाकों में गैस और तेल का खनन करने वाले प्लेटफार्मों को बिजली मिलेगी. इस ऑपरेशन के इंचार्ज ने बताया कि ऐसे रिएक्टर की मदद से सालाना 50 हजार टन कार्बन डाइ ऑक्साइड का उत्सर्जन रोका जा सकता है.

हालांकि कई पर्यावरण के जानकार इसे न्यूक्लियर टाइटैनिक बता चुके हैं. वहीं, ग्रीनपीस ने इसको तैरता हुआ चेर्नोबिल बताया है. विशेषज्ञों का कहना है कि आर्कटिक महासागर में तैरते हुए परमाणु रिएक्टर यहां के मौसम और हवाओं को देखते हुए खतरनाक हो सकते हैं.

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