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रोहिंग्या मुसलमानों को सता रहा मॉनसून में बाढ़ का खतरा

फिसलनदार पहाड़ी के पास पनाह लिए शरणार्थियों को सबसे ज्यादा बारिश के दौरान जमीन धंसने और बाढ़ का डर सता रहा है

Bhasha Updated On: May 27, 2018 05:58 PM IST

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रोहिंग्या मुसलमानों को सता रहा मॉनसून में बाढ़ का खतरा

दुनिया के सबसे बड़े शरणार्थी शिविर कॉक्स बाजार में शरण लिए रोहिंग्या मुसलमान मॉनसून के दिनों में बाढ़ और जमीन धंसने की चिंता में डूबे हुए हैं.

फिसलनदार पहाड़ी के पास पनाह लिए शरणार्थियों को सबसे ज्यादा बारिश के दौरान जमीन धंसने और बाढ़ का डर सता रहा है.

पहाड़ी के पास रह रहे ओसिउर रहमान ने कहा, ‘हमारे परिवारों की मौत हो जाएगी. यहां हर जगह बच्चे हैं. हम डरे हुए हैं कि बारिश से जमीन ना धंसने लगे.’  रहमान यहां पर बांस-बल्लियों के सहारे बनी झोपड़ी में अपने परिवार के नौ लोगों के साथ रहते हैं.

पिछले नौ महीने से बांग्लादेश के दक्षिणी पूर्वी हिस्से में आकर रह रहे सात लाख रोहिंग्या मुसलमानों के लिए मॉनसून का महीना आफत की तरह होगा. भीषण खूनखराबे के बाद म्यांमार से आए इन शरणार्थियों का दर्द इस वक्त और बढ़ जाएगा.

कॉक्स बाजार जिले में बेघर लाखों मुस्लिम रोहिंग्या ने शरण ले रखी है लेकिन हाल के दिनों में आने वाले शरणार्थियों ने बांस-बल्लियों और प्लास्टिक के सहारे पहाड़ी के पास अपना तंबू गाड़ा है और सबसे ज्यादा तकलीफ उन्हें ही है.

सुरक्षित जगह की यहां पर भारी कमी है. इस वजह से दो लाख शरणार्थियों को बाढ़ और भूस्खलन के खतरे के बीच ऐसे खतरनाक जगहों पर पनाह लेनी पड़ी है. इनमें से महज 21000 रोहिंग्या ही दूसरे स्थानों पर जा पाए हैं.

कॉक्स बाजार में यूएनएचसीआर शरणार्थी एजेंसी के प्रमुख केविन जे एलेन ने कहा, ‘वाकई जान का नुकसान हो सकता है क्योंकि पहाड़ियों और घाटी में पानी भरने से लोगों को खतरा होगा.’ कॉक्स बाजार में चक्रवात का भी खतरा बना रहता है और पहले यहां पर इससे भीषण तबाही भी हो चुकी है.

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