S M L

पाक चुनाव: लश्कर और हाफिज सईद के उम्मीदवार बढ़ा सकते हैं मुश्किलें

पाकिस्तान आम चुनाव में अनेक उग्र दक्षिणपंथी संगठनों ने उम्मीदवार खड़े किए हैं जिनसे देश में लोकतांत्रिक और उदारवादी ताकतों की मुश्किलें बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है

Updated On: Jul 07, 2018 05:15 PM IST

Bhasha

0
पाक चुनाव: लश्कर और हाफिज सईद के उम्मीदवार बढ़ा सकते हैं मुश्किलें

पाकिस्तान में 25 जुलाई को होने वाले आम चुनाव में अनेक उग्र दक्षिणपंथी संगठनों ने उम्मीदवार खड़े किए हैं जिनसे देश में लोकतांत्रिक और उदारवादी ताकतों की मुश्किलें बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है. अंग्रेजी दैनिक ‘द डॉन’ ने अपने संपादकीय में यह अंदेशा जताया है.

दैनिक के अनुसार दो नव गठित घोर दक्षिण धार्मिक पार्टियां तहरीक-ए-लबैक पाकिस्तान और अल्लाह-ओ-अकबर तहरीक ने देश के सभी चार सूबे से नेशनल असेंबली की सीटों के लिए 200 से अधिक उम्मीदवार उतारे हैं.

अल्लाह-ओ-अकबर तहरीक (एएटी) को आंतकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा का नया अवतार माना जा रहा है. इसने पंजाब और खैबर पख्तुनवा प्रांत से नेशनल असेंबली की 50 सीट के लिए नामांकन दाखिल किए हैं.

चिंता का विषय है दक्षिणपंथी उग्रवादी संगठनों का राष्ट्रीय राजनीति में शिरकत करना

मुंबई हमले के साजिशकर्ता हाफिज सईद से संबंधित मिल्ली मुस्लिम लीग भी एएटी के बैनर तले चुनाव लड़ रही है. मिल्ली मुस्लिम लीग को चुनाव आयोग ने मान्यता नहीं दी है जिसके बाद सईद के लोग पहले से ही बनी एएटी से चुनाव लड़ रहे हैं.

संपादकीय में कहा गया है कि जहां मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों को असाधारण रूप से सख्त जांच का सामना करना पड़ा और अनेक नेताओं को चुनाव लड़ने में काफी संघर्ष करना पड़ रहा है वहीं इन दक्षिणपंथी पार्टियों के उम्मीदवारों को जन विरोध का सामना नहीं करना पड़ा.

संपादकीय में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजनीति में दक्षिणपंथी उग्रवादी संगठनों की शिरकत पाकिस्तान के लोकतांत्रिक नागरिकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi