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वर्जिन ग्रुप के चेयरमैन के दोस्त से उनके ही नाम पर ठगे 13 करोड़

वर्जिन ग्रुप के अरबपति फाउंडर रिचर्ड ब्रैनसन को एक शख्स ने छह महीने पहले ठगने की कोशिश की

FP Staff Updated On: Oct 19, 2017 11:32 AM IST

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वर्जिन ग्रुप के चेयरमैन के दोस्त से उनके ही नाम पर ठगे 13 करोड़

वर्जिन ग्रुप के अरबपति फाउंडर रिचर्ड ब्रैनसन को एक शख्स ने छह महीने पहले ठगने की कोशिश की. फ्रॉड करने वाले ने खुद को ब्रिटेन का रक्षा मंत्री बताकर रिचर्ड से पांच मिलियन डॉलर का गुप्त भुगतान करने को कहा था. हालांकि रिचर्ड ने मामले की पड़ताल की और वो बच गए. लेकिन अब उनका ही नाम लेकर उनके एक दोस्त से दो मिलियन डॉलर ठग लिए गए हैं.

इस पर रिचर्ड का कहना है कि मुझे शक है कि ये वही शख्स है जिसने मुझे ठगने की कोशिश की थी. और अब इसने मेरे दोस्त से मेरा ही नाम लेकर हरिकेन इरमा से प्रभावित हुए लोगों की मदद के नाम पर दो मिलियन डॉलर ठग लिए हैं.

रिचर्ड ने वर्जिन ग्रुप की वेबसाइट पर अपने साथ हुई घटना का वाकया साझा किया है. उन्होंने वर्जिन ग्रुप की वेबसाइट पर ठगी के नए तरीकों का पूरा मामला शेयर किया है. उन्होंने लिखा है कि छह महीने पहले एक शख्स से फोन पर बात की थी जो खुद को रक्षा मंत्री माइकल फैलोन बता रहा था. शख्स ने उनसे कहा था कि एक ब्रिटिश डिप्लोमैट को किडनैप कर लिया गया है और आतंकवादी अब उसने छोड़ने के लिए फिरौती की मांग कर रहे हैं.

रिचर्ड ने आगे लिखा कि ये जानकर मुझे शक हुआ क्योंकि ब्रिटेन सरकार फिरौती के खिलाफ है और सरकार डिप्लोमैट को बचाने के लिए गुप्त तरीके से ब्रिटिश व्यापारिक लोगों से मदद क्यों मांग रही है. उन्होंने लिखा कि मुझसे फिरौती की रकम के रूप में पांच मिलियन डॉलर देने को कहा गया. साथ ही मुझे आश्वासन भी दिया गया कि ब्रिटिश सरकार ये पैसे बाद में वापस भी कर देगी.

वहीं जब रिचर्ड ने इस बारे में फैलोन से बात की तो उन्होंने बताया कि किसी डिप्लोमैट का किडनैप नहीं हुआ है. और न ही मंत्रालय की ओर से उनके पास कोई फोन गया है. रिचर्ड ने कहा कि इसके बाद हम समझ गए कि हमें ठगने का प्रयास किया गया है और मैंने इसकी पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई.

रिचर्ड का कहना है कि कुछ दिन पहले उनको एक दोस्त का ई-मेल आया था. वो अमेरिका के एक बिजनसमैन हैं. उन्होंने मेल पर लिखा है कि रिचर्ड तुमने मेरे से दो मिलियन डॉलर उधार लिए हैं. तुमने वादा किया था कि तुम दो हफ्तों में उधार लौटा दोगे. लेकिन तीन हफ्ते हो चुके हैं. पर जब मैंने किसी भी तरह के उधार लेने की बात से इनकार किया, तो मेरे दोस्त ने कहा कि उसके पास मेरा फोन आया था और तुम्हारी ऑफिस आईडी से मेल भी आया था.

दोस्त की ये बात सुनकर मैं समझ गया जिस तरह मुझे रक्षा मंत्री बनकर एक शख्स ने ठगने की कोशिश की थी. वैसे ही मेरे दोस्त को मेरा नाम लेकर ठगा गया है.

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