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नेत्रहीनता दूर करने वाली दुनिया की सबसे महंगी दवा, कीमत चौंका देगी

आलोचनाओं की आशंका के बीच इस दवा को बनाने वाली कंपनी स्पार्क ने वादा किया है कि अगर इसे उपचार सफल नहीं रहा तो वह पैसे लौटा देगी

Updated On: Jan 04, 2018 05:03 PM IST

FP Staff

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नेत्रहीनता दूर करने वाली दुनिया की सबसे महंगी दवा, कीमत चौंका देगी

दुनिया की सबसे महंगी दवाई की कीमत क्या हो सकती है? आप सोच रहे होंगे कुछ लाख की दवाई दुनिया की सबसे महंगी दवा हो सकती है. लेकिन जिसे दुनिया की सबसे महंगी दवा बताया जा रहा है उसकी कीमत पांच करोड़ रुपए से भी ज्यादा है. जी हां, आप बिल्कुल सही पढ़ रहे हैं. अमेरिका में तैयार हुई इस दवाई की कीमत 5 करोड़ 39 लाख 79 हजार 250 रुपए है. इसका नाम लक्सटर्ना (Luxturna) है.

यह दवाई वंशानुगत नेत्रहीनता को खत्म करने के लिए बनाई गई है. फिलाडेल्फिया स्थित इस दवाई के निर्माता स्पार्क थेरेपिटिक्स ने बताया कि यह सिंगल डोज वाली दवा होगी.

इसकी खुदरा कीमत एक आंख के दवाई के लिए 2 करोड़ 69 लाख 89 हजार 625 रुपए होगी. एफडीए से दिसंबर में मान्यता मिलने से पहले जो 6 करोड़ 34 लाख 25 हजार की कीमत तय की गई है, उससे यह कम है. इसकी घोषणा के बाद अमेरिका में इस पर जमकर बहस हो रही है. इनोवेटिव उपचार के लिए दवाओं की ऊंची कीमत पर भी लोग चर्चा कर रहे हैं.

आलोचनाओं की आशंका के बीच इस दवा को बनाने वाली कंपनी स्पार्क ने वादा किया है कि अगर इससे उपचार सफल नहीं रहा तो वह पैसे लौटा देगी. कंपनी ने उम्मीद जताई है कि अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारी इंस्टॉलमेंट में भुगतान की सुविधा देंगे.

ये सुविधा देकर कंपनी नोवार्टिस की राह पर है, जिसने अपनी एक दवाई जो बच्चों और युवाओं में ल्यूकेमिया के आक्रामक रूप को ठीक करती है, के लिए ऐसा वादा कर चुकी है. स्विस दवा निर्माता ने बीमा धारकों और रोगियों को दवा काम न करने पर पैसे लौटाने का वादा किया है. इस दवा की कीमत 4 लाख 75 हजार डॉलर यानी 3 करोड़ रुपए है.

लक्सटर्ना दवाई जीन थेरेपी से बनी पहली अमेरिकी दवाई है. इससे दोषपूर्ण जीन को ठीक किया जाता है. वर्तमान में रेटिना के वंशानुगत नेत्रहीनता से पीड़ित 1 हजार मामले हैं. प्रत्येक वर्ष इसमें 10 से 20 नए मामले जुड़ने की संभावना रहती है. लक्सटर्ना के अलावा कई अन्य दवाइयां हैं, जिनकी कीमत लाखों से करोड़ों में हैं. हालांकि, उन्हें कई खुराक में रोग को ठीक करने के लिए दिया जाता है.

अभी तक की दुनिया की सबसे महंगी दवा ग्लाइबेरिया है. इसे डच डेवलपर यूनीकुयर ने बनाई है. यह दवा कई आनुवांशिक बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल होती है. इसकी कीमत 6 करोड़ 34 लाख 25 हजार  है.

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