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ट्रंप ने अमेरिका की भेदभावपूर्ण इमीग्रेशन सिस्टम पर उठाए सवाल

ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, हमारी इमीग्रेशन पॉलिसी की दुनिया भर में खिल्ली उड़ाई जाती है. यह उन सभी लोगों के साथ भेदभाव है जिन्होंने वैद्य तरीके से सिस्टम को फॉलो किया है, वो इसके लिए वर्षों से इंतजार कर रहे हैं. इमीग्रेशन का आधार मेरिट होना चाहिए.

FP Staff Updated On: Jun 25, 2018 04:20 PM IST

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ट्रंप ने अमेरिका की भेदभावपूर्ण इमीग्रेशन सिस्टम पर उठाए सवाल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देश के इमीग्रेशन सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने यह बात वैद्य (लीगल) तरीके से अमेरिका आने वालों के संदर्भ में कही. ट्रंप ने योग्यता आधारित इमीग्रेशन सिस्टम की फिर से वकालत की है.

भारतीय-अमेरिकी, जिनमें से अधिकतर काफी योग्यता (हाइली स्किल्ड) रखते हैं. वो मुख्य रूप से H-1 B वीजा पर अमेरिका आते हैं, इस वर्तमान इमीग्रेशन सिस्टम से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं. मौजूदा इमीग्रेशन सिस्टम में ग्रीन कार्ड या स्थानीय नागरिकता का अधिकार हासिल करने के लिए हर देश का कोटा 7 प्रतिशत निर्धारित है.

इसका नतीजा यह है कि, अनुमानों के मुताबिक योग्य भारतीय कामगारों को इसके लिए 70 साल तक इंतजार करना पड़ सकता है.

ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, हमारी इमीग्रेशन पॉलिसी की दुनिया भर में खिल्ली उड़ाई जाती है. यह उन सभी लोगों के साथ भेदभाव है जिन्होंने वैद्य तरीके से सिस्टम को फॉलो किया है, वो इसके लिए वर्षों से इंतजार कर रहे हैं. इमीग्रेशन का आधार मेरिट होना चाहिए- हमें वैसे लोगों की जरूरत है जो 'अमेरिका को फिर से महान बना सकें'.

ट्रंप के इस ट्वीट को हजारों भारतीयों के लिए समर्थन के तौर पर देखा जा सकता है जो लंबे समय से ग्रीन कार्ड के लिए इंतजार कर रहे हैं. इनमें से अधिकतर काफी शैक्षणिक योग्यता रखते हैं.

मगर क्योंकि हर देश का कोटा निर्धारित है, भारतीयों को किसी भी हालत में अमेरिका की स्थाई नागरिकता पाने के लिए एक दशक से भी लंबा इंतजार करना पड़ता है.

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