S M L

इजरायली PM नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने की सिफारिश

पुलिस ने जांच के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर रिश्वत लेने, धोखाधड़ी और भरोसा तोड़ने के आरोपों में मुकदमा चलना चाहिए

FP Staff Updated On: Feb 14, 2018 01:58 PM IST

0
इजरायली PM नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने की सिफारिश

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. पुलिस ने जांच के बाद नेतन्याहू को कथित भ्रष्टाचार के दो मामलों में अभ्यारोपित करने की सिफारिश की है.

इजरायली कानून के अनुसार नेतन्याहू को औपचारिक रूप से अभ्यारोपित करने की जिम्मेदारी एटॉर्नी जनरल कार्यालय की है. न्याय मंत्री आयलेत शाकेड ने कहा कि प्रधानमंत्री को जिन अपराधों के तहत अभ्यारोपित किया गया है उनमें इस्तीफा देने की मजबूरी नहीं है.

पुलिस का कहना है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर रिश्वत लेने, धोखाधड़ी और भरोसा तोड़ने के आरोपों में मुकदमा चलना चाहिए. पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री पर मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं.

नेतन्याहू ने सरकारी टीवी पर आकर कहा कि उनपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं और वो प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे. उन्होंने कहा कि इन आरोपों के लगाए जाने के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकलने वाला है.

नेतन्याहू पर आरोप है कि उन्होंने एक अखबार येदियत अहरोनात के मालिक से एक प्रतिद्ंवद्वी प्रकाशक पर दबाव बनाने के बदले सकारात्मक कवरेज करने को कहा.

नेतन्याहू पर यह भी आरोप है कि उन्होंने हॉलीवुड निर्माता आर्नन मिलचन से तकरीबन एक लाख डॉलर की कीमत के गिफ्ट लिए. इन तोहफों में महंगी शराब और सिगार शामिल था जो प्रधानमंत्री को मिलचन को अमरीकी वीजा लेने में मदद के बदले दिए गए थे.

पुलिस का कहना है कि नेतन्याहू पर ऑस्ट्रेलिया के अरबपति कारोबारी जेम्स पैकर से जुड़े एक मामले में भी धोखाधड़ी करने और लोगों का भरोसा तोड़ने का शक़ है. जेम्स पैकर ने पुलिस को बताया है कि उन्होंने प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी को गिफ्ट दिए थे.

नेतन्याहू से पुलिस कम से कम 7 बार पूछताछ कर चुकी है. न्याय मंत्री ऐयेलेत शाकेद का कहना है कि कोई भी प्रधानमंत्री जिस पर मुक़दमा दर्ज हो वो पद छोड़ने के लिए मजबूर नहीं है.

68 साल के बेंजमिन नेतन्याहू दूसरी बार इजरायल के प्रधानमंत्री बने हैं. वो पिछले 12 साल से इस पद पर हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
FIRST TAKE: जनभावना पर फांसी की सजा जायज?

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi