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पुतिन के न्योते पर रूस पहुंचे PM मोदी, कई मायनों में खास होगी मुलाकात

कुछ महीने के अंदर राष्ट्रपति पुतिन भारत का दौरा करने वाले हैं. ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात भारत-रूस संबंधों की मजबूती का इशारा है

Updated On: May 21, 2018 12:35 PM IST

FP Staff

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पुतिन के न्योते पर रूस पहुंचे PM मोदी, कई मायनों में खास होगी मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्लादिमीर पुतिन के बुलावे पर सोमवार को रूस पहुंच चुके हैं. सोचि एयरपोर्ट पर रूस के टॉप अधिकारियों ने पीएम मोदी का स्वागत किया.  इसके बाद अब वे राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करेंगे. व्लादिमीर पुतिन ने दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के महज 2 हफ्ते के अंदर पीएम मोदी को अनौपचारिक मुलाकात का न्योता दिया था.

दोनो राष्ट्राध्यक्षों के बीच ये मुलाकात कई मायनों में खास बताई जा रही है.पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच होने वाली बातचीत में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दे शामिल होंगे. शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) और ब्रिक्स को लेकर दोनों नेताओं के बीच वार्ता की संभावना है. इसके अलावा वैश्विक आतंकवाद, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, सीरिया, आईएसआईएस की स्थिति पर भी मोदी और पुतिन चर्चा कर सकते हैं.

अभी हाल में पुतिन ने चौथी बार रूस की बागडोर संभाली है. उनकी इस हालिया ताजपोशी के बाद पीएम मोदी पहली बार उनसे मिल रहे हैं. अपनी इस रूस यात्रा को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी प्रस्तावित बातचीत से भारत और रूस के बीच 'विशेष और विशेषाधिकार युक्त' रणनीतिक भागीदारी को और ज्यादा मजबूती मिलेगी.

मोदी ने रूस यात्रा पर रवाना होने की पहले रविवार शाम ट्वीट कर कहा कि राष्ट्रपति पुतिन के साथ उनकी बातचीत द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाएगी. पहले रूसी भाषा और फिर अंग्रेजी में किए ट्वीट में उन्होंने कहा, 'मुझे यकीन है कि राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार युक्त रणनीतिक भागीदारी और अधिक मजबूत होगी.'

एक अन्य ट्वीट में मोदी ने रूस के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए लिखा, 'मैं सोचि के कल के अपने दौरे और राष्ट्रपति पुतिन के साथ अपनी मुलाकात के प्रति आशान्वित हूं. उनसे मिलना मेरे लिए हमेशा सुखदाई रहा है.

बता दें कि सोचि रूस के लिए काफी अहम शहर माना जाता है. कुछ महीने के अंदर राष्ट्रपति पुतिन भारत का दौरा करने वाले हैं. ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात भारत-रूस संबंधों की मजबूती का इशारा है.

किन-किन मुद्दों पर होगी बात

- ईरान की एटमी संधि रद्द होने के बाद यह मसला काफी अहम हो गया है. इस घटना के बाद भारत और रूस के कई मुद्दे ईरान में दांव पर लगे हैं. दोनों नेता इसपर बात कर सकते हैं.

-अफगानिस्तान और सीरिया बातचीत के केंद्र में रहेंगे क्योंकि पूरी दुनिया में आतंकवादी गतिविधियों के लिए सीरिया को जिम्मेदार माना जाता रहा है.

-आईएसआईएस के खतरों पर बात होगी. भारत और रूस दोनों आतंकवाद के शिकार रहे हैं. इसे देखते हुए आईएस को कैसे रोका जा सकता है, इसपर बात होगी.

- भारत और रूस मिलकर किसी तीसरे देश में एटमी रिएक्टर पर कैसे काम कर सकते हैं, इसपर बातचीत की संभावना है.

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