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प्रधानमंत्री मोदी की किस मांग को वाइट हाउस ने ठुकरा दिया था?

पीएम मोदी पिछले साल अपने अमेरिका यात्रा पर ट्रंप के साथ कैंप डेविड में डिनर करना चाहते थे लेकिन वाइट हाउस ने भारत की ये मांग नहीं मानी थी

Updated On: Sep 12, 2018 11:37 AM IST

FP Staff

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प्रधानमंत्री मोदी की किस मांग को वाइट हाउस ने ठुकरा दिया था?
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अमेरिका में जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार बॉब वुडवर्ड की किताब ‘फियर: ट्रंप इन दि वाइट हाउस’ जबसे रिलीज होने को आई है, तब से ट्रंप प्रशासन से जुड़ी एक न एक दिलचस्प बात सामने निकलकर आ रही है. ये किताब अब स्टोर्स में भी आ चुकी है. अब पिछले साल जून में हुई नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा पर भी एक घटना का खुलासा हुआ है.

448 पन्नों की इस किताब में जिक्र किया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले साल जून में हुए अपने अमेरिका यात्रा पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ कैंप डेविड में डिनर करना चाहते थे और वहीं ट्रंप के साथ संबंधों में तालमेल को लेकर बातचीत करना चाहते थे. लेकिन इस किताब में बताया गया है कि वाइट हाउस ने भारत की ये मांग नहीं मानी थी.

बता दें कि कैंप डेविड वॉशिंगटन डीसी से 100 किमी दूर उत्तर-पश्चिम में स्थित एक खूबसूरत प्रेसिडेंशियल रिसॉर्ट है. यहां कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने दुनिया को टॉप लीडरों की मेजबानी की है.

इस किताब में मोदी की अमेरिका यात्रा पर एक छोटा सा सेगमेंट दिया गया है. किताब में वाइट हाउस के कामकाज और ट्रंप प्रशासन के नीति निर्धारण की प्रक्रिया को लेकर अंदरूनी सूत्रों के हवाले से जानकारी देने का दावा किया गया है. इसमें तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एच आर मैकमास्टर को भारत के साथ मजबूत संबंधों की वकालत करते दिखाया गया है.

इस सेगमेंट के अनुसार, मोदी के 26 जून के दौरे से पहले मैकमास्टर वाइट हाउस के तत्कालीन चीफ ऑफ स्टाफ रींस प्रिबस से मिले थे.

वूडवार्ड ने किताब में लिखा है, ‘भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिनका (बराक) ओबामा ने काफी गर्मजोशी से स्वागत किया था, ट्रंप से मिलने के लिए जून में अमेरिका आ रहे थे. भारत पाकिस्तान को देखते हुए संतुलन बनाए रखने वाली ताकत था. पाकिस्तान नए प्रशासन के लिए दिक्कतें पैदा कर रहा था जैसा कि वह पूर्व के प्रशासनों के साथ भी आतंकवाद के मुद्दे पर करता आया था. मोदी कैंप डेविड जाना चाहते थे और वहां ट्रंप के साथ डिनर का आनंद उठाना और ट्रंप के साथ आपसी तालमेल बढ़ाना चाहते थे.’

लेकिन प्रीबस ने मैकमास्टर से कहा, ‘यह कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है. वहां डिनर प्रोग्राम नहीं हो सकता. राष्ट्रपति ट्रंप भी ऐसा ही चाहते हैं.’ इससे मैकमास्टर नाराज हो गए थे.

वूडवर्ड ने लिखा है कि बाद में जो कार्यक्रम हुए वह उतने भव्य नहीं थे और डिनर भी वाइट हाउस में हुआ था.

बता दें कि जबसे बॉब वुडवर्ड की ये किताब आई है, इसने ट्रंप प्रशासन को लेकर कई अंदरूनी बातें सामने आई हैं. हालांकि ट्रंप ने ‘फियर: ट्रंप इन दि व्हाइट हाउस’ को ‘मजाक’ बताकर खारिज कर दिया है.

नरेंद्र मोदी के कैंप डेविड घटनाक्रम पर पीएमओ ने फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है.

(भाषा से इनपुट)

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