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राष्ट्रपति पुतिन के बुलावे पर रूस जाएंगे PM मोदी, कई मुद्दों पर होगी बात

पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच होने वाली बातचीत में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दे शामिल होंगे

Updated On: May 21, 2018 08:28 AM IST

FP Staff

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राष्ट्रपति पुतिन के बुलावे पर रूस जाएंगे PM मोदी, कई मुद्दों पर होगी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के न्योते पर रूस जाएंगे. सोमवार को वे सोची में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करेंगे. इस दौरे में दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत होगी.

पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच होने वाली बातचीत में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दे शामिल होंगे. शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) और ब्रिक्स को लेकर दोनों नेताओं के बीच वार्ता की संभावना है. इसके अलावा वैश्विक आतंकवाद, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, सीरिया, आईएसआईएस की स्थिति पर भी मोदी और पुतिन चर्चा कर सकते हैं.

अभी हाल में पुतिन ने चौथी बार रूस की बागडोर संभाली है. उनकी इस हालिया ताजपोशी के बाद पीएम मोदी पहली बार उनसे मिल रहे हैं.

पीएम के इस दौरे के बारे में रूस में भारत के राजदूत पंकज शरण ने कहा, राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के बीच यह खास मुलाकात है. सबसे अहम बात यह है राष्ट्रपति पुतिन के राष्ट्रपति बने अभी दो हफ्ते हुए हैं और उन्होंने कई मुद्दों पर वार्ता के लिए पीएम मोदी को रूस आने का न्योता दिया है.

शरण ने कहा, पुतिन की इच्छा है कि दोनों नेता भविष्य में रूस की प्राथमिकताएं, रूसी विदेश नीति और भारत-रूस संबंधों पर बात हो. लिहाजा, दोनों देश आपसी आर्थिक संबंधों को और कैसे मजबूत बना सकते हैं, इसपर चर्चा होने की संभावना है.

राजदूत पंकज शरण ने आगे कहा, राष्ट्रपति पुतिन की ओर से आयोजित लंच के बाद दोनों नेता वहां के स्थानीय समय 1 बजे वार्ता कर सकते हैं. दोनों नेता कुछ घंटे एकसाथ गुजारेंगे. दोनों नेताओं का एक दूसरे को समझना और कई मुद्दों पर वार्ता करने का यह काफी सुनहरा अवसर है.

कुछ महीने के अंदर राष्ट्रपति पुतिन भारत का दौरा करने वाले हैं. ऐसे में दोनों नेताओं की मुलाकात भारत-रूस संबंधों की मजबूती का इशारा है.

किन-किन मुद्दों पर होगी बात

-ईरान की एटमी संधि रद्द होने के बाद यह मसला काफी अहम हो गया है. इस घटना के बाद भारत और रूस के कई मुद्दे ईरान में दांव पर लगे हैं. दोनों नेता इसपर बात कर सकते हैं.

-अफगानिस्तान और सीरिया बातचीत के केंद्र में रहेंगे क्योंकि पूरी दुनिया में आतंकवादी गतिविधियों के लिए सीरिया को जिम्मेदार माना जाता रहा है.

-आईएसआईएस के खतरों पर बात होगी. भारत और रूस दोनों आतंकवाद के शिकार रहे हैं. इसे देखते हुए आईएस को कैसे रोका जा सकता है, इसपर बात होगी.

-दोनों देश एटमी क्षेत्र में कैसे सहयोग कर सकते हैं इसपर वार्ता होगी. भारत और रूस मिलकर किसी तीसरे देश में एटमी रिएक्टर पर कैसे काम कर सकते हैं, इसपर बातचीत की संभावना है.

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