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फिलीपींस का मंगखुत तूफान भारत में दिखा सकता है अपना असर

मंगखुत का प्रभाव भारत में दिखने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि भारत में इस तूफान का सकारात्मक असर पड़ेगा

Updated On: Sep 16, 2018 06:13 PM IST

Bhasha

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फिलीपींस का मंगखुत तूफान भारत में दिखा सकता है अपना असर
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एशियाई देश फिलीपींस में तूफान 'मंगखुत' ने तबाही मचाई हुई है. यह तूफान इस साल का सबसे ताकतवर तूफान है. इसका भारत पर क्या कोई असर पड़ेगा, इसके संबंध में मौसम विभाग ने जानकारी दी है. विभाग ने बताया, मंगखुत का प्रभाव भारत में दिखने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि भारत में इस तूफान का सकारात्मक असर पड़ेगा.

मौसम विभाग ने दावा किया है कि एशिया प्रशांत क्षेत्र में आए तूफान की वजह से दक्षिण पश्चिम मानसून को विस्तार मिलेगा. इससे देश के पूर्वी और उत्तरी इलाकों में बारिश का अतिरिक्त दौर देखने को मिल सकता है.

इस साल के दो सबसे तेज तूफान 'बारिजात' और 'मंगखुत' के कारण पिछले दो दिनों में फिलीपीन सहित आसपास के इलाकों में जान-माल का नुकसान हुआ है. मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया, बारिजात तूफान की गति धीमी पड़ने के बाद शनिवार को फिलीपीन में मंगखुत तूफान के कारण तेज आंधी देखने को मिली.

इसके बाद तूफान का रुख पश्चिम की ओर देखते हुए अगले तीन दिनों में यह भारत के पूर्वी तट पर दस्तक दे सकता है. हालांकि इस दौरान तूफान की गति धीमी पड़ने के कारण तटीय इलाकों में चक्रवात जैसे किसी खतरे की आशंका नहीं है.

इन राज्यों में हो सकती है तेज बारिश

मौसम विभाग की वैज्ञानिक डॉ. सुनीता देवी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे हवा के कम दबाव के क्षेत्र को मंगखुत प्रभावित करेगा. इसकी वजह से देश में दक्षिण पश्चिम मानसून के वापस लौटने की अवधि में लगभग एक सप्ताह की बढ़ोतरी तय है. नतीजतन 18 और 19 सितंबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम और मेघालय में मानसून की अतिरिक्त बारिश का दौर देखने को मिल सकता है.

दक्षिण पश्चिम मानसून के 15 सितंबर को वापस लौटने की संभावना थी. पूर्वोत्तर में इसके विस्तार को देखते हुए मध्य भारत में भी यह अगले सप्ताह अतिरिक्त बारिश लेकर आएगा. इसके मद्देनजर 20 और 21 सितंबर को उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में तथा 23 और 24 सितंबर को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है.

सामान्य तौर पर देश में दक्षिण पश्चिम मानसून की एक सितंबर तक वापसी शुरू हो जाती है. इस साल इसकी अवधि में दो सप्ताह के इजाफे के कारण इस अवधि में देश के उत्तर और पूर्वोत्तर राज्यों में अतिरिक्त बारिश का दौर जारी रहा.

विभाग ने मानसून के लौटने में एक सप्ताह के इजाफे की संभावना को देखते हुए देश में अब तक हुई बारिश के स्तर में लगभग नौ प्रतिशत की कमी के पूरा होने की उम्मीद जताई है. विभाग के आंकड़ों के अनुसार एक जून से 15 सितंबर तक की अवधि में पूरे देश में 741.8 मिमी बारिश दर्ज की गई. यह सामान्य स्तर 814.2 मिमी की तुलना में नौ प्रतिशत कम है.

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