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अमेरिका के ‘CPC’ में डालने के निर्णय को पाकिस्तान ने किया खारिज

विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘पाकिस्तान, अमेरिका की एकतरफा और राजनीतिक रूप से प्रेरित वार्षिक धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट पूर्वाग्रह से ग्रसित है और इसकी प्रमाणिकता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाता है'

Updated On: Dec 12, 2018 02:27 PM IST

Bhasha

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अमेरिका के ‘CPC’ में डालने के निर्णय को पाकिस्तान ने किया खारिज

पाकिस्तान ने उसे धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने वाले देशों की सूची में रखने के अमेरिका के फैसले को 'एकतरफा और राजनीतिक रूप से प्रेरित' करार दिया है.

अमेरिका ने पाकिस्तान, चीन, सऊदी अरब, म्यामांर, इरित्रिया, ईरान, नॉर्थ कोरिया, सूडान, तजाकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान को कांग्रेस की वार्षिक रिपोर्ट के तहत धार्मिक अल्पसंख्यक नागरिकों और मानवाधिकारों की रक्षा करने में लगातार और क्रमबद्ध विफलताओं के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें ‘कंट्री ऑफ पर्टिकुलर कन्सर्न’ (सीपीसी) का दर्जा दिया था.

विदेश मंत्रालय ने बुधवार को बयान जारी कर कहा, ‘पाकिस्तान, अमेरिका की एकतरफा और राजनीतिक रूप से प्रेरित उसकी वार्षिक धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में जारी की गई सूची को नाकारता है.’ उसने कहा कि इन दर्जों से पूर्वाग्रह स्पष्ट हैं और इसकी प्रमाणिकता और निष्पक्षता के साथ-साथ स्वयंभू जूरी पर भी गंभीर सवाल हैं.

इसके अलावा ट्रंप प्रशासन ने अल नुसरा फ्रंट, अरब प्रायद्वीप में अलकायदा, अल कायदा, अल शबाब, बोको हराम, हौदी, आईएसआईएस, आईएसआईएस खुरासान और तालिबान को भी खास तौर पर चिन्हित किया है.

विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने मंगलवार को कहा, ‘28 नवंबर, 2018 को मैंने लगातार धार्मिक आजादी के उल्लंघन के लिए बर्मा (म्यांमार), चीन, एरीट्रिया, ईरान, नॉर्थ कोरिया, पाकिस्तान, सूडान, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान और तुर्केमेनिस्तान को 1998 के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक आजादी कानून के तहत खास चिंता वाले देशों में रखा था.

पोम्पिओ ने कहा, ‘धार्मिक आजादी के गंभीर उल्लंघन के लिए कोमोरॉस, रूस और उजबेकिस्तान को भी विशेष वाच लिस्ट में रखा गया है.’

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