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पाक डायरी: 'जल आतंकवाद' फैला रहा है भारत

पाकिस्तानी मीडिया में जब भी भारत-पाक जल विवाद का जिक्र होता है तो अक्सर भारत पर जल आतंकवाद फैलाने का आरोप लगता है

Seema Tanwar Updated On: Sep 18, 2017 11:13 AM IST

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पाक डायरी: 'जल आतंकवाद' फैला रहा है भारत

आतंकवाद शब्द तो आपने बहुत सुना होगा, लेकिन क्या कभी ‘जल आतंकवाद’ भी सुना है? पाकिस्तानी मीडिया में जब भी भारत-पाक जल विवाद का जिक्र होता है तो अक्सर भारत पर जल आतंकवाद फैलाने का आरोप लगता है. हाल में दोनों देशों के बीच जल विवाद पर वार्ता नाकाम होने के बाद फिर पाकिस्तानी अखबारों में जल आतंकवाद की गूंज सुनायी दी है.

पाकिस्तानी अखबार वार्ता नाकाम होने के लिए भारत की कथित हठधर्मिता को जिम्मेदार बता रहे हैं और पाकिस्तानी सरकार को इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाने की नसीहत दी जा रही है. दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंटों के लिए तरसते पाकिस्तान में होने वाले आजादी कप को देश में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी के लिए अहम बताया गया है. वर्ल्ड इलेवन के खिलाफ तीसरा टी20 मैच जीतकर पाकिस्तान ने यह कप अपने नाम कर लिया. इस पर पाकिस्तानी मीडिया गदगद है.

पानी पर तनातनी

नवा ए वक्त’ लिखता है कि पाकिस्तान में खेती बाड़ी और आर्थिक खुशहाली का दारोमदार कश्मीर से होकर आने वाली नदियों के पानी पर है और इसी से देश के ज्यादातर इलाकों की सिंचाई होती है. अखबार के मुताबिक, अगर यह पानी किसी साजिश के तहत रोक लिया जाता है तो पाकिस्तान के लहलहाते खेत रेगिस्तान में तब्दील हो जाएंगे.

अखबार लिखता है कि कश्मीर समस्या की वजह से ही भारत का पाकिस्तान के साथ जल विवाद हुआ तो विश्व बैंक ने 1960 में मध्यस्थता करके सिंधु जल संधि करायी थी. अखबार ने इस संधि में जहां सतलुज और रावी के पानी से पाकिस्तान को महरूम किये जाने को नाइंसाफी बताया, वहीं यह भी लिखा है कि सिंधु, झेलम और चिनाब के जिस पानी का इस्तेमाल करने की पाकिस्तान को अनुमति मिली है, भारत ने वहां भी बहुत से बांध बना लिए हैं.

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अखबार की टिप्पणी है कि पाकिस्तान के हुकमरानों और जल विशेषज्ञों के लिए अब यह लाजिमी हो गया है कि वे पाकिस्तान के खिलाफ भारत के जल आंतकवाद की साजिशों को हर कीमत पर नाकाम बनाएं क्योंकि यह पाकिस्तान के अस्तित्व का सवाल है.

School girls holds Pakistani flags during the rally in

औसाफ’ ने अपने संपादकीय में पाकिस्तान सरकार के रुख का हवाला देते हुए लिखा है कि भारत सिंधु जल संधि की धज्जियां उड़ाते हुए पाकिस्तान की तरफ बहने वाली नदियों का पानी इस्तेमाल कर रहा है. अखबार के मुताबिक भारत ने किशनगंगा और रातले समेत तीस से ज्यादा छोटी बड़ी बांध परियोजनाओं को पूरा कर लिया है, जिनके जरिए बिजली पैदा की जा रही है.

अखबार की राय है कि भारत की जल आक्रामकता से निपटने के लिए पाकिस्तान को देश में बड़े बांध बनाने पर ध्यान देना चाहिए ताकि रोजाना करोड़ों फुट पानी बहकर समंदर में जाने की बजाय उससे बिजली पैदा की जा सके और खेती बाड़ी के लिए भी यह पानी इस्तेमाल हो सके.

रोजनामा ‘एक्सप्रेस’ कहता है कि अजीब बात यह है कि सिंधु जल संधि भी भारत को ही फायदा पहुंचा रही है और जब भी विश्व बैंक या फिर किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस बारे में कोई बातचीत होती है तो उसमें भी पलड़ा भारत का ही भारी रहता है.

‘एक्सप्रेस’ भी यही लिखता है कि जरूरत इस बात की है कि पाकिस्तान नदियों के पानी को सुरक्षित बनाने के लिए अपना काम करे क्योंकि बांध बनाने में जितनी देर होगी, समस्या उतनी ही बढ़ती जाएगी.

पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट

रोजनामा ‘दुनिया’ के संपादकीय का शीर्षक है- क्रिकेट की बहाली के लिए अच्छी संभावनाएं. अखबार लिखता है कि पाकिस्तानियों का दिल जीतने वाली वर्ल्ड इलेवन हार कर भी हीरो बन गई. दोनों टीमों के बीच तीसरे टी-20 मैच का जिक्र करते हुए अखबार कहता है कि पाकिस्तानी टीम ने बैटिंग की दावत पाकर वर्ल्ड इलेवन को 184 रन का लक्ष्य दिया लेकिन वर्ल्ड इलेवन आठ विकटों पर 150 रन ही बना सकी.

Pakistan's players celebrate their victory over India on the pitch after the ICC Champions Trophy final cricket match between India and Pakistan at The Oval in London on June 18, 2017. Pakistan thrashed title-holders India by 180 runs to win the Champions Trophy final at The Oval on Sunday.  / AFP PHOTO / Ian KINGTON / RESTRICTED TO EDITORIAL USE

अखबार की टिप्पणी है कि लाहौर में वर्ल्ड इलेवन के साथ तीन टी-20 मैचों की सीरीज के कामयाब आयोजन के साथ ही पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बहाली की संभावनाएं बेहतर हुई और इससे यह उम्मीद पैदा होती है कि जल्द ही पाकिस्तान के मैदानों में भी क्रिकेट के मुकाबले होंगे. अखबार लिखता है कि वेस्ट इंडीज और श्रीलंका की तरफ से इस बारे में सकारात्मक संकेत मिले हैं.

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जंग’ लिखता है कि वेस्ट इंडीज क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख कहते हैं कि वर्ल्ड इलेवन का हालिया दौरा विदेशी टीमों को पाकिस्तान लाने में अहम भूमिका अदा करेगा. इसके साथ ही अखबार ने 3 मार्च 2009 की उस घटना का जिक्र भी किया जिसमें श्रीलंकाई टीम की बस पर आतंकवादी हमला हुआ था जिसके बाद विदेशी टीमों ने पाकिस्तान जाने से तौबा कर ली थी. लेकिन ‘जंग’ वर्ल्ड इलेवन के साथ हालिया सीरीज को पाकिस्तान में क्रिकेट की शानदार वापसी बता रहा है.

वक्त’ ने इस पर एक कार्टून भी बनाया है जिसमें पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड के मुखिया नजम सेठी गले में ढोल लटकाए मुनादी कर रहे हैं कि आजादी कप पाकिस्तान के नाम, वर्ल्ड इलेवन का शुक्रिया, वेस्ट इंडीज का दौरा भी कंफर्म.

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