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दुनिया के लिए खतरा बना पाकिस्तान, FATF ने 'ग्रे लिस्ट' में डाला नाम

फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स की 'ग्रे लिस्ट' में पाकिस्तान 9वां देश है जिसके बारे में कहा गया है कि उसने आतंकियों को फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर तत्काल रोक नहीं लगाई तो अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था खतरे में पड़ सकती है

FP Staff Updated On: Jun 30, 2018 01:49 PM IST

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दुनिया के लिए खतरा बना पाकिस्तान, FATF ने 'ग्रे लिस्ट' में डाला नाम

पाकिस्तान का नाम उन देशों की लिस्ट में शुमार हो गया है जिसमें दुनिया के उन देशों के नाम हैं जहां 'रणनीतिक खामियां' बेहद निचले स्तर की हैं जिसका बेहद बुरा असर अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था पर पड़ता है.

पेरिस स्थित फाइनेंसियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की 'ग्रे लिस्ट' में पाकिस्तान 9वां देश है जिसके बारे में कहा गया है कि उसने आतंकियों को फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर तत्काल रोक नहीं लगाई तो अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था खतरे में पड़ सकती है.

एफएटीएफ की 'ग्रे लिस्ट' में पाकिस्तान के अलावा इथोपिया, सर्बिया, श्रीलंका, सीरिया, ट्रीनिदाद एंड टोबैगो, ट्यूनिशिया और यमन के नाम हैं. एफएटीएफ ने 'रणनीतिक कमी वाले क्षेत्राधिकार (देश)' की कैटगरी में इन देशों का नाम दर्ज किया है.

एफएटीएफ एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय निगरानी संस्था है जो दुनिया की वित्तीय व्यवस्थाओं पर नजर रखती है. पाकिस्तान ने हालांकि कई मामलों में सुधार किया है और एफएटीएफ के समक्ष एक 26 सूत्री प्रस्ताव भी दिया है जिसमें कहा गया है कि अगले 15 महीने में वह और सुधार करेगा. इसके बावजूद पेरिस की इस वित्तीय संस्था ने पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में डाल दिया है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पाकिस्तान के बारे में यह फैसला पेरिस में 24 से 29 जून तक चले एफएटीएफ के महाधिवेशन में लिया गया. फैसला लेने से पहले इस संस्था ने इंटरनेशनल कोऑपरेशन रिव्यू ग्रुप (आईसीआरजी) की रिपोर्ट की तफ्तीश की. बाद में एकसुर में पाकिस्तान के खिलाफ फैसला लिया गया. हालांकि पाकिस्तान के लिए यह अच्छी खबर है कि उसे 'ब्लैक लिस्ट' में शामिल नहीं किया गया है.

आईसीआरजी की रिपोर्ट यह भी बताती है कि पाकिस्तान चार अहम 'कमियों' में से तीन के खिलाफ अच्छा काम कर रहा है लेकिन क्रॉस बॉर्डर कैश स्मगलिंग पर लगाम न लगा पाने के कारण उसे एफएटीएफ की नाराजगी का शिकार होना पड़ा है.

उधर अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पीटीआई को बताया, आतंकवादियों को आर्थिक मदद (सीएफटी) रोक पाने में पाकिस्तान के प्रयासों में अब भी कमियां हैं जिन्हें एफएटीएफ की ओर से लगातार उठाया जा रहा है.

एफएटीएफ के पाकिस्तान को ग्रे सूची में डाले जाने के सवाल पर अधिकारी ने कहा, पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र की ओर से चिह्नित आंतकवादी समूहों को धन पहुंचाना या धन जुटाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के साथ ही सीएफटी पर कई बड़े कदम उठाने होंगे.’

हालांकि अधिकारी ने पाकिस्तान के उस आश्वासन का स्वागत किया है जिसमें उसने सुधार की दिशा में कदम उठाने को कहा है. अधिकारी ने कहा, हमें खुशी है कि पारिस्तान ने अपने सीएफटी क्षेत्र की कमियों को दूर करने के लिए एफएटीएफ के साथ काम करने के लिए उच्च स्तरीय राजनीतिक मंशा जाहिर की है.

भारत ने फैसले का किया स्वागत

एफएटीएफ के इस फैसले का भारत ने स्वागत किया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत आईसीआरजी मॉनिटरिंग के तहत पाकिस्तान का नाम ग्रे लिस्ट में डालने का स्वागत करता है.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, पाकिस्तान ने आतंकियों पर कार्रवाई करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े राजनीतिक वायदे किए. इसके बावजूद हाफिज सईद जैसे आतंकी और जमाद-उद-दावा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन पाकिस्तान में अपना काम कर रहे हैं. इससे पता चलता है कि पाकिस्तान अपने वायदे पर खरा नहीं उतर रहा.

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