S M L

'भारत का नक्शा बिगाड़ देंगे': राजनाथ के बयान पर पाक से आई धमकी

पाकिस्तानी अखबारों को पढ़ कर लगता है कि मानो लड़ाई छिड़ने ही वाली है.

Updated On: Feb 06, 2017 11:15 AM IST

Seema Tanwar

0
'भारत का नक्शा बिगाड़ देंगे': राजनाथ के बयान पर पाक से आई धमकी

पाकिस्तान के बारे में दिया गया भारत का हर बयान पाकिस्तानी उर्दू मीडिया की बड़ी सुर्खी बनता है. ऐसे में गृह मंत्री राजनाथ सिंह के इस बयान को लेकर पारा चढ़ना स्वाभाविक ही था कि वह पाकिस्तान में दोबारा सर्जिकल स्ट्राइक ना होने की गारंटी नहीं दे सकते. पाकिस्तानी उर्दू अखबारों को पढ़ कर लगता है कि मानो लड़ाई छिड़ने ही वाली है.

मुंह तोड़ जवाब देंगे

लाहौर समेत कई शहरों से छपने वाले अखबार ‘औसाफ’ के संपादकीय का शीर्षक है- पाकिस्तान सेना भारत के हमले का मुंह तोड़ जबाव देने के लिए तैयार रहे.

अखबार कहता है कि भारत एक तरफ तो अंदरूनी दबाव का शिकार है और दूसरा उसे अमेरिका और इस्राइल की शह मिल रही है, ऐसे में वह कभी भी ताकत के घमंड में कोई भी आक्रामक कार्रवाई कर सकता है, लेकिन ऐसा करके वह खुद को ही मुश्किल में डालेगा.

अखबार लिखता है कि राजनाथ सिंह की तरफ से दी गई सर्जिकल स्ट्राइक की धमकी को नजर अंदाज न किया जाए और भारत के किसी भी कदम से निपटने के लिए पाकिस्तानी सेना को और अधिक सतर्क रखा जाए.

जंग’ ने भी अपने संपादकीय में भारत को आड़े हाथ लिया है. अखबार लिखता है कि राजनाथ सिंह ने फिर से सर्जिकल स्ट्राइक की धमकी तो ऐसे दी है जैसे पहले भारत पाकिस्तान में सफल सर्जिकल स्ट्राइक कर चुका है.

अखबार की टिप्पणी है कि पिछले सर्जिकल स्ट्राइक के दावे का कोई सबूत भारतीय अधिकारी दुनिया के सामने नहीं पेश कर पाए हैं और न ही मुंबई हमलों में हाफिज सईद के शामिल होने का कोई ऐसा ठोस सबूत दे पाए हैं, जो अदालत में टिक पाए.

आर्मी चीफ पर भरोसा

एक्सप्रेस’ लिखता है कि अभी ज्यादा दिन नहीं हुए हैं जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख जावेद कमर बाजवा ने कहा था कि भारत के किसी भी आक्रामक कदम का मुंह तोड़ जबाव दिया जाएगा. अखबार लिखता है कि देश को सेना प्रमुख के इस बयान पर पूरा भरोसा है कि भारत की तरफ से आ रहे आक्रामक बयानों का मकसद कश्मीर में हो रहे अत्याचारों से दुनिया का ध्यान हटाना है.

रोजनामा ‘वक्त’ लिखता है कि भारत के पेट में मरोड़ की असली वजह तो चीन और पाकिस्तान के बीच आर्थिक कॉरिडोर परियोजना है जिसके कारण दुनिया का झुकाव पाकिस्तान की तरफ हुआ है और पाकिस्तान आर्थिक स्थिरता की राह पर आगे बढ़ रहा है.

अखबार लिखता है कि राजनाथ सिंह की धमकी हास्यास्पद है क्योंकि उनसे इन बात की गारंटी मांगी किसने है कि फिर से सर्जिकल स्ट्राइक नहीं होगी. सीधे सीधे युद्ध की धमकी देते हुए अखबार ने लिखा है कि अगर भारत को कोई गलतफहमी है तो खुशी से अपना शौक पूरा करके देख सकता है. अखबार लिखता है कि अगर कोई सर्जिकल स्ट्राइक हुई तो ऐसा जबाव मिलेगा कि दुनिया के नक्शे पर वैसा भारत नहीं रहेगा जैसा अभी है.

कश्मीर या हाफिज सईद

वहीं पाकिस्तान में 5 फरवरी को मनाए जाने वाले कश्मीर एकजुटता दिवस को लेकर भी पाकिस्तानी मीडिया ने भारत पर निशाना साधा है. लेकिन ‘जसारत’ ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान सरकार को भी घेरने की कोशिश की है.

अखबार लिखता है कि जहां हाफिज सईद को नजर बंद किए जाने के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं, वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सहायक तारिक फातमी का दावा है कि हाफिज सईद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव मौजूद हैं.

अखबार लिखता है कि अगर ऐसा है तो फिर पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा परिषद को कश्मीर से जुड़े 1948 के प्रस्तावों की याद क्यों नहीं दिलाई जिन्हें शायद दीमक चाट रही है. अखबार की टिप्पणी है कि हाफिज सईद और उनके चंद साथियों के मुकाबले जुल्म का शिकार करोड़ों कश्मीरियों की अहमियत कहीं ज्यादा है.

दुनिया भारत को रोके

नवा ए वक्त’ ने राजनाथ सिंह के बयान को भारत की गीदड़ भभकियां कहा है. अखबार लिखता है कि कश्मीर पर स्थायी रूप से कब्जा जमाने के लिए मोदी सरकार ने पाकिस्तान दुश्मनी को अपनी विदेश नीति का आधार बना लिया है, इसीलिए जब से मोदी ने सत्ता संभाली है, ऐसा कोई दिन नहीं गुजरता जब नियंत्रण रेखा और वर्किंग बाउंड्री पर भारतीय सेना बेवजह गोलाबारी न करती हो.

मशरिक’ ने अपने संपादकीय में लिखा है कि ऐसा लगता है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे क्षेत्र को राख के ढेर में तब्दील करने का फैसला कर लिया है, लेकिन दिखावे के लिए वह अपने भाषणों में जनता की भलाई और कल्याण की बातें करते हैं.

अखबार लिखता है कि मोदी को मुंह में राम और बगल में छुरी वाली नीति छोड़ते हुए इस क्षेत्र को जंग की लपटों में धकेलने वाले कदम उठाने से गुरेज करना चाहिए. अखबार के मुताबिक विश्व बिरादरी की भी जिम्मेदारी है कि वह भारत को रोके और क्षेत्र में मंडराने वाले खतरे को गहराने से रोके.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi