Co Sponsor
In association with
In association with
S M L

पाकिस्तान के साथ 37 देश, अब भारत लाइन पर आएगा?

पाक मीडिया ने एक नौसैनिक अभ्यास को ऐसे पेश किया है मानो भारत की अब खैर नहीं.

Seema Tanwar Updated On: Feb 13, 2017 10:33 AM IST

0
पाकिस्तान के साथ 37 देश, अब भारत लाइन पर आएगा?

पाकिस्तान में 37 देशों की नौसेनाओं के साझा अभ्यास पर वहां का उर्दू मीडिया बड़ा गदगद है. पाकिस्तानी मीडिया ने इस नौसैनिक अभ्यास को इस तरह पेश किया जैसे पूरी दुनिया पाकिस्तान के पाले में आ गई है और भारत की तो मानो अब खैर नहीं.

कराची से छपने वाले ‘जंग’ के संपादकीय का शीर्षक है- दुनिया पाकिस्तान के साथ. अखबार लिखता है कि ‘अमन 2017’ नाम के नौसैनिक अभ्यास में रूस, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, जापान, इटली, सऊदी अरब और श्रीलंका समेत 37 देश हिस्सा ले रहे हैं.

मायूस होंगे पाकिस्तान के दुश्मन

अखबार ने इस अभ्यास में पाकिस्तानी बेड़े के कमांडर वाइस एडमिरल आरिफुल्लाह हुसैन के हवाले से लिखा है कि पाकिस्तान की नेवी दूसरे देशों के साथ मिल कर गहरे पानियों में नशीले पदार्थों की तिजारत, हथियारों और इंसानों की तस्करी, आतंकवाद और समुद्री डाकुओं से निपटने में अहम भूमिका निभा रही है.

‘जंग’ लिखता है कि पाकिस्तानी नेवी 2007 से हर दो साल में एक बार ऐसा सैन्य अभ्यास करा रही है और इस बार इस अभ्यास में कुल मिलाकर 36 अन्य देशों की भागीदारी बताती है कि दुनिया में पाकिस्तान की अहमियत बढ़ रही है.

भारत का नाम लिए बगैर अखबार लिखता है कि जो ताकतें चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर को नाकाम बनाने और पाकिस्तान को अलग-थलग कर देने के दावे करती रही हैं, उन्हें मायूसी हाथ लगेगी क्योंकि दुनिया शांति और आपसी तरक्की के लिए पाकिस्तान का साथ देने को तैयार है.

रोजनामा ‘दुनिया’ लिखता है कि बेहतर होता कि भारत भी इस अभ्यास में शामिल होता ताकि सहयोग और भरोसे की नई राहें खुलतीं लेकिन लगता है कि भारत तो पाकिस्तान में होने वाले इस अभ्यास में बड़े देशों के हिस्सा लेने पर सदमे में है.

अखबार भारतीय नौसेना प्रमुख सुनील लांबा के यह कहने पर भी खफा है कि यह एक मामूली सी गतिविधि है और इसमें रूस की भागीदारी को बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जा रहा है.

भारत लाइन पर आएगा

नवा ए वक्त’ लिखता है कि इस नौसैनिक अभ्यास के जरिए भारत को अंतरराष्ट्रीय दबाव के जरिए रास्ते पर लाने में मदद मिलेगी. अखबार कहता है कि भारत पाकिस्तान को फिर से बांग्लादेश जैसा कोई घाव देना चाहता है. अखबार ने भारत के रक्षा बजट में बढ़ोतरी, कई देशों के साथ उसके असैन्य परमाणु सहयोग समझौते और आधुनिक सैन्य साजो-सामान की खरीद को पाकिस्तान के साथ साथ चीन के लिए भी चुनौती बताया है.

लेकिन अखबार की राय है कि ‘अमन 2017’ जैसे अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास विश्व शांति की तरफ एक अहम कदम है और इससे दुनिया में पाकिस्तान की अहमियत और उपयोगिता बढ़ेगी.

रोजनामा ‘औसाफ’ ने पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के इन इल्जामों पर संपादकीय लिखा है कि भारत एक गोपनीय शहर बसा रहा है जहां परमाणु हथियारों का जखीरा रखा जाएगा और अत्याधुनिक इंटरनकॉन्टिनेंटल मिसाइलें तैयार की जाएंगी.

भारत की तरफ से ऐसे किसी शहर के निर्माण का खंडन किए जाने का जिक्र भी अखबार अपने संपादकीय में करता है, लेकिन उसका यह भी कहना है कि इतना तो साफ है कि भारत एक तरफ पकिस्तान का पानी बंद कर रहा तो दूसरे तरफ उसके खिलाफ साजिशें रच रहा है.

अखबार ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से कहा है कि वह इन सब बातों को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने रखें क्योंकि भारत के कदमों से क्षेत्र के हालात तेजी से खराब हो रहे हैं.

फिर क्रिकेट दागदार

जसारत’ ने पाकिस्तानी क्रिकेट पर लगे भ्रष्टाचार के नए दागों पर संपादकीय लिखा है : पाकिस्तानी खिलाड़ी फिर संदेह के दायरे में. अखबार लिखता है कि दुबई में पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) का आगाज बड़े धूमधाम से हुआ और उम्मीद थी कि क्रिकेट का नया टैलंट सामने आएगा लेकिन लीग के दूसरे ही दिन जुए, सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग का टैलंट सामने आ गया है.

sharjil

खालिद लतीफ और शरजील खान

अखबार लिखता है कि लीग में शामिल इस्लामाबाद यूनाटेड टीम के खिलाड़ी खालिद लतीफ और शरजील खान ने बुकीज से खुफिया मुलाकातें की और बोर्ड को इसकी जानकारी नहीं दी जो जरूरी है. अखबार के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने दोनों को सस्पेंड कर वापस पाकिस्तान भेज दिया और आगे की जांच चल रही है.

अखबार की राय है कि आरोप किस हद तक सही हैं और रकम लेने की बातों में कितनी सच्चाई है, ये जल्द ही साफ हो जाएगा, लेकिन पाकिस्तानी क्रिकेट को जो नुकसान होना था, हो गया.

एक्सप्रेस’ ने इस स्कैंडल को पीएसएल के लिए बड़ा धक्का बताया है. अखबार लिखता है कि पाकिस्तानी खेल प्रेमी अभी इंग्लैंड में अपने तीन खिलाड़ियों सलमान बट, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर पर लगने वाले मैच फिक्सिंग के आरोपों और अदालत से मिलने वाली सजा को भूले नहीं थे, कि दुबई में पीएसएल के दूसरे सेशन को सट्टेबाजों ने अपना निशाना बना लिया. लेकिन अखबार का मत है कि आरोपी खिलाड़ियों का मीडिया ट्रायल मुनासिब नहीं, और सबको जांच का इंतजार करना चाहिए.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
जो बोलता हूं वो करता हूं- नितिन गडकरी से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi