S M L

पैसे बचाने के लिए क्या-क्या कर रही है पाक सरकार, अधिकारियों को अब लंच भी नसीब नहीं

इमरान खान बचत करने के लिए सरकारी संपत्तियों को बेच रहे हैं और सरकारी खर्चों में कटौती कर रहे हैं

Updated On: Sep 19, 2018 02:22 PM IST

FP Staff

0
पैसे बचाने के लिए क्या-क्या कर रही है पाक सरकार, अधिकारियों को अब लंच भी नसीब नहीं

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों सरकारी पैसे की कमी से जूझ रहे हैं. पाकिस्तान कर्ज में डूबा हुआ है और इमरान खान बचत करने के लिए सरकारी संपत्तियों को बेच रहे हैं और सरकारी खर्चों में कटौती कर रहे हैं.

खबरों के मुताबिक पाकिस्तानी सरकार छोटे-छोटे तरीके से पैसों का इंतजाम कर रही है. अभी सरकार ने सरकारी लग्जरी कारों और हेलिकॉप्टरों को बेचा है और खबर ये आ रही है कि अधिकारियों के खाने-पीने में भी कटौती की गई है. अब अधिकारियों को लंच नहीं मिलेगा, उनके लिए बस बिस्किट और स्नैक्स का ही इंतजाम होगा. साथ ही ये भी रिपोर्ट है कि इमरान खान पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पाली हुई आठ भैंसों को भी बेचने के फेर में हैं.

बता दें कि इमरान खान ने अपने चुनावी कैंपेन में पाकिस्तान के कर्जे में डूबने के लिए सत्तारूढ़ रही पार्टियों को खूब कोसा था और वादा किया था कि वो पाकिस्तान को कर्जे से बाहर निकालेंगे.

लेकिन अपनी कोशिशों के बीच इमरान खान ने एक और ऐसी चीज भी की है, जिसके लिए वो ट्रोल हो रहे हैं. दरअसल, खर्चों में कटौती अभियान चला रहे इमरान ने पिछले महीने अपने हिल-साइड के घर से इस्लामाबाद के अपने आधिकारिक भवन जाने के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया था. उनके दोनों घरों के बीच दूरी ज्यादा से ज्यादा साढ़े चौदह किलोमीटर है.

साढ़े चौदह किलोमीटर की दूरी को हेलिकॉप्टर से पूरी करने के लिए पाकिस्तान में उनकी आलोचना की जा रही है. हालांकि उनकी पार्टी के नेताओं ने ये कहकर उनका बचाव किया है कि अगर इमरान सड़क के रास्ते से जाते, तो उनके काफिले से राजधानी की सड़कें जाम भी होतीं और उनके काफिले से सफर करने के मुकाबले उनकी हेलिकॉप्टर की राइड ज्यादा सस्ती पड़ती.

कुछ ने तर्क दिया कि खर्चों में कटौती के लिए अभी कोई बजट तय नहीं किया गया है और इमरान खान के खर्चों पर भी नजर रखी जाएगी.

हालांकि एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में विशेषज्ञों का मानना है कि इन छोटे सरकारी खर्चों में कटौती करने से ज्यादा कोई फर्क नहीं पडे़गा. इस्लामाबाद के सस्टेनेबल डेवलपमेंट पॉलिसी इंस्टीट्यूट के एक्जीक्यूटिव एडिटर वक़ार अहमद ने बताया कि सरकार वार्षिक बजट (221 अरब रुपए) का 20 प्रतिशत ही बचा पाएगी.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi