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पाक चुनाव: इमरान खान की पार्टी 110 सीटों पर जबकि PML-N 67 सीटों पर आगे

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कुल 342 सदस्य होते हैं जिनमें से 272 को सीधे तौर पर चुना जाता है

Updated On: Jul 26, 2018 10:23 AM IST

Bhasha

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पाक चुनाव: इमरान खान की पार्टी 110 सीटों पर जबकि PML-N 67 सीटों पर आगे

पाकिस्तान आम चुनाव में पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ 110 सीटों पर आगे चल रही है. जबकि उसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) 67 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. रूझानों की मानें तो किसी को सरकार बनाने के लिए 172 का जादुई आंकड़ा नहीं मिलेगा और त्रिशंकु संसद की स्थिति बनेगी.

आत्मघाती हमले और प्रभावशाली सेना द्वारा जोड़तोड़ करने के आरोपों के साथ कई पार्टियों ने पूरी चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है.

पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 41 सीटों पर आगे चल रही है, जिससे त्रिशंकु सभा होने की स्थिति में वह किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है.

नेशनल असेंबली की 272 सीटों में से 268 सीटों के लिए उपलब्ध रूझानों के अनुसार 18 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. आतंकवादी हमलों में उम्मीदवारों की मौत के कारण दो निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान स्थगित कर दिया गया है.

पीएमएल-एन के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ ने चुनाव नतीजों को पूरी तरह खारिज करते हुए चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए. शरीफ ने ऐसे संकेत दिए कि उनकी पार्टी चुनावों में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन करेगी.

इस बीच, पीएमएल-एन की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने मतों की गणना की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है और आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी के एजेंटों को कई निवार्चन क्षेत्रों के मतदान केंद्रों से बाहर किया गया है.

पीपीपी के मौला बक्स चंदियों ने भी दावा किया है कि उनकी पार्टी के एजेंटों को बादिन में मतदान केंद्रों के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है जबकि पाक सरजमीं पार्टी के नेता रजा हारून ने भी कराची के अलग-अलग मतदान केंद्रों में उनके एजेंटों को अंदर ना जाने देने के आरोप लगाए.

आरोपों का जवाब देते हुए पंजाब में प्रांतीय निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि नेताओं को बिना किसी ठोस सबूत के निराधार आरोप लगाने से बचना चाहिए.

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कुल 342 सदस्य होते हैं जिनमें से 272 को सीधे तौर पर चुना जाता है जबकि शेष 60 सीटें महिलाओं और 10 सीटें धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित हैं. आम चुनावों में पांच फीसदी से ज्यादा वोट पाने वाली पार्टियां इन आरक्षित सीटों पर समानुपातिक प्रतिनिधित्व के हिसाब से अपने प्रतिनिधि भेज सकती हैं.

कोई पार्टी तभी अकेले दम पर सरकार बना सकती है जब उसे 172 सीटें हासिल हो जाए. इससे पहले, पीएमएल-एन, पीपीपी और पीटीआई सहित कई प्रमुख पार्टियों ने मतदान की अवधि एक घंटा बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद मतदान अपने निर्धारित समय पर खत्म हुआ.

राजनीतिक पार्टियों ने ‘‘मतदान की धीमी प्रक्रिया’’ की शिकायत की थी और मतदाताओं को और वक्त मुहैया कराने की मांग की थी. लेकिन चुनाव आयोग ने उनके अनुरोध को मानने से इनकार कर दिया.

आम चुनावों के लिए मतदान शुरू होने के कुछ घंटे बाद इस्लामिक स्टेट के एक फिदायन हमलावर ने बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा के भोसा मंडी इलाके के एक मतदान केंद्र के बाहर विस्फोट में खुद को उड़ा लिया. इस हमले में कई पुलिसकर्मियों सहित 31 लोग मारे गए.

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