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पाकिस्तान में आचार संहिता के ऐसे नियम-कानून, सुनकर दंग रह जाएंगे आप

पाकिस्तानी आचार संहिता के मुताबिक, कोई पार्टी, उम्मीदवार या कार्यकर्ता किसी पुरुष, महिला या किन्नर को पार्टी उम्मीदवार बनने से रोकता है, तो इसे अपराध माना जाएगा

Updated On: Jul 19, 2018 12:32 PM IST

FP Staff

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पाकिस्तान में आचार संहिता के ऐसे नियम-कानून, सुनकर दंग रह जाएंगे आप

पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव है. इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. किसी भी लोकतांत्रिक देश में अमूमन चुनाव से पहले आचार-संहिता लागू की जाती है. इस दौरान उन सभी कार्यों पर रोक लगा दी जाती है, जो मतदाता को परोक्ष या अपरोक्ष प्रभावित करते हों. कानून-व्यवस्था शांतिपूर्ण ढंग से अपना काम करे, इसके लिए कई तरह की पाबंदियां भी लगाई जाती हैं.

आचार संहिता की प्रमुख जिम्मेदारी होती है मतदाताओं के अधिकारों  की रक्षा. मतदाता अपनी मर्जी से किसी पार्टी को वोट दे सकें, चुनाव आयोग इसे पुलिस-प्रशासन की मदद से सुनिश्चित कराता है लेकिन हर देश में आचार संहिता की दशा-दिशा एक सी होती है? शायद नहीं. इसका फर्क भारत और पाकिस्तान में अच्छी तरह से देखा जा सकता है.

पाकिस्तान की आचार संहिता में कई ऐसी बातें हैं जो सुनने में अटपटी लगती हैं. जैसे अगर किसी मतदाता से यह पूछ लिया कि किस पार्टी को वोट दिया है, तो इस 'अपराध' के लिए 3 साल की जेल हो सकती है या 1 लाख तक का जुर्माना ठोंका जा सकता है. बैलट पेपर का फोटो लेना भी कुछ इसी तरह का गुनाह है.

इतना ही नहीं, मतदान बूथ के 400 मीटर के दायरे में किसी मतदाता को अगर किसी खास पार्टी को वोट देने के लिए उकसाते पाए गए, तो इसे भी अपराध की श्रेणी में रखा गया है.

आचार संहिता के दौरान किसी पार्टी के कार्यकर्ता या उम्मीदवार जश्न मनाने वाली रैली निकालते हैं या खुशी में फायरिंग करते हैं तो इसे भी अपराध के दायरे में रखा गया है.

पाकिस्तानी आचार संहिता के मुताबिक, कोई पार्टी, उम्मीदवार या कार्यकर्ता किसी पुरुष, महिला या किन्नर को पार्टी उम्मीदवार बनने से रोकता है, तो इसे अपराध माना जाएगा.

हालांकि पाक चुनाव आयोग के निर्देश बहुत कुछ भारत से मिलते-जुलते हैं. जैसे किसी मतदाता को मतदान केंद्र से भगाने, किसी को मतदान करने या नहीं मतदान करने के लिए मजबूर करने, किसी मतदाता को नुकसान पहुंचाने या उसको धमकी देने, किसी मतदाता का अपहरण करने, उसे डराने, बहलाने फुसलाने या किसी अवैध तरीके से प्रभावित करने, मतपत्र या सरकारी मुहर बरबाद करने या मतदान केंद्र से मतपत्र बाहर ले जाने या मतपेटी में जाली मतपत्र डालने जैसे कार्यों को अपराध ठहराया गया है. ऐसा भारत में भी है.

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