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पाकिस्तान: 25 से 27 जुलाई के बीच हो सकते हैं आम चुनाव

यह घोषणा सत्तारूढ़ पीएमएलएन सरकार का कार्यकाल समाप्त होने के कुछ दिन पहले हुई है. पीएमएलएन सरकार का कार्यकाल 31 मई को खत्म हो रहा है

FP Staff Updated On: May 22, 2018 10:49 AM IST

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पाकिस्तान: 25 से 27 जुलाई के बीच हो सकते हैं आम चुनाव

पाकिस्तान चुनाव आयोग ने सोमवार को पाकिस्तान में आम चुनाव के लिए संभावित तारीखों का ऐलान कर दिया है. खबर के अनुसार पाकिस्तान में आम चुनाव 25 से 27 जुलाई के बीच हो सकते हैं.

'डॉन' की खबर के अनुसार, पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने राष्ट्रपति ममनून हुसैन को एक रिपोर्ट सौंपी है. उनसे प्रस्तावित तारीखों में से एक को चुनाव के दिन के तौर पर तय करने का अनुरोध किया है.

पाकिस्तान चुनाव आयोग ने इन तारीखों को राष्ट्रपति मैमनून हुसैन के पास भेजा है. अगर राष्ट्रपति मैमनून हुसैन इन चुनावी तारीखों पर अपनी सहमती जताते हैं, तो 31 मई को पीएमएन-एन सरकार के पांच साल के कार्यकाल समाप्त होने से कुछ दिन पहले ही आम चुनाव की तारीखों की अधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी.

कार्यकारी प्रधानमंत्री के पद के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों के सुझाव मांगे गए हैं और इस पर विचार जारी है. मालूम हो प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी ने पिछले हफ्ते इस मसले पर विपक्ष के नेता खुर्शीद शाह के साथ बैठक की थी. इस पर अंतिम फैसला मंगलवार को लिए जाने की उम्मीद है. नेशनल एसेंबली स्पीकर की अध्यक्षता में संसदीय समिति में छह उम्मीदवारों के नाम सामने आए हैं.

पाकिस्तान के चुनाव आयोग का कहना है कि चुनावों की तारीखों का ऐलान जून के पहले हफ्ते में किया जाएगा. आयोग के प्रवक्ता अल्ताफ हुसैन ने कहा कि आम चुनाव की घोषणा आपसी सलाह के बाद की जाएगी. चुनाव की तारीखें और शेड्यूल ऐसी चीज नहीं है जिसे छुपाया जाए. उन्होंने आगे कहा कि आयोग सभी पर्यवेक्षकों का स्वागत करता है जिसमें विदेशी भी शामिल हैं. बता दें मौजूदा पीएमएन-एन सरकार के पांच साल का कार्यकाल 31 मई को खत्म हो रहा है. जिसके बाद कार्यवाहक सरकार ही होने वाले आम चुनावों पर कड़ी नजर रखेगी.

आपको बता दें कि पाकिस्तान के संविधान के अनुसार नेशनल असेंबली में कार्यवाहक प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री और विपक्षी नेताओं के साथ परामर्श के बाद चुना जाता है. इसके लिए सत्ताधारी और विपक्षी नेता तीन व्यक्तियों के नाम को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के लिए प्रस्तावित करते हैं. इस कार्यवाहक प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी चुनावों को पारदर्शी तरीके से करवाने की होती है.

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