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2011 से जेल में क्यों है ओसामा को पकड़ने में मदद करने वाला डॉक्टर?

आखिर अपने वक्त के सबसे खतरनाक आतंकी को पकड़वाने वाला शख्स जेल में क्यों है? और उसके पास अपनी बात रखने तक का मौका क्यों नहीं है?

Updated On: Jan 22, 2018 05:17 PM IST

FP Staff

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2011 से जेल में क्यों है ओसामा को पकड़ने में मदद करने वाला डॉक्टर?

अलकायदा लीडर ओसामा बिन लादेन को मारने में अमेरिका की मदद करने वाले डॉक्टर शकील आफरीदी 2011 से जेल में बंद हैं. इस बीच में उन्होंने 2012 के बाद से अपने वकील को देखा तक नहीं है. आफरीदी ने वैक्सिनेशन स्कैम का इस्तेमाल करके ओसामा बिन लादेन के घर को पहचानने और अमेरिकी नेवी सील्स को इसको ट्रैक करने में मदद की थी.

लेकिन आखिर अपने वक्त के सबसे खतरनाक आतंकी को पकड़वाने वाला शख्स जेल में क्यों है? और उसके पास अपनी बात रखने तक का मौका क्यों नहीं है?

शकील आफरीदी ने नकली हेपेटाइटिस वैक्सीनेशन प्रोग्राम के सहारे बिन लादेन के परिवार का लोकेशन पता करने के लिए उनके डीएनए सैंपल लेने की कोशिश की थी. लेकिन आफरीदी का अपराध ये नहीं है.

अलग तरह के मुकदमे का सामना कर रहे हैं आफरीदी

एसोसिएटेड प्रेस को आफरीदी के लॉयर क़मर नदीम आफरीदी ने बताया कि उन्हें पाकिस्तानी सरकार ने खैबर के आदिवासी क्षेत्र में आतंकियों की मदद करने के जुर्म में जेल में डाला गया है. यहां तक कि आफरीदी पर पाकिस्तानी की पुरानी आदिवासी प्रणाली के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. इसके तहत आरोपी के मामले की सुनवाई बंद कोर्ट में होती है, सुनवाई में ये भी जरूरी नहीं होता कि आरोपी कोर्ट में मौजूद रहे और अपील करने के मौके भी कम दिए जाते हैं.

अगर आफरीदी पर राजद्रोह का मुकदमा चलता तो आफरीदी को पब्लिक हियरिंग के अधिकार के साथ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के मौके भी मिलते. लेकिन अगर ऐसा होता तो बिन लादेन ऑपरेशन से जुड़ी सारी जानकारी और तथ्य सामने आ जाते जो पाकिस्तान की पोल खोलने के लिए काफी होते, इसलिए आफरीदी पर ऐसा मुकदमा चलाया गया है, जिसका मजाक तालिबान तक उड़ा चुका है.

सुनवाई को टालने की कोशिश

नदीम ने बताया कि हालांकि, वो आफरीदी के वकील हैं लेकिन उनकी 2012 से आफरीदी से कोई मुलाकात नहीं हो पाई है. बस उनकी पत्नी और उनके बच्चे ही उनसे मिल सकते हैं. यहां तक कि इन सालों में उनकी फाइल भी 2 सालों के लिए 'गायब' हुई, जिसकी वजह से उनकी सुनवाई नहीं हो पाई, हालांकि सुनवाई अभी तक नहीं हुई है. अब कोर्ट का कहना है कि कोई वकील उपलब्ध नहीं है.

नदीम ने बताया कि हालात इतने बुरे हैं कि आफरीदी का नाम लेने से भी कोई डरता है. कुछ वक्त पहले आफरीदी का केस देख रहे नदीम के साथी वकील को उनके पेशावर के घर में गोलियों से भून दिया गया था. इसी कड़ी में आफरीदी की वकालत करने वाले पेशावर के जेल डिप्युटी सुपरिटेंडेंट की भी हत्या कर दी गई थी.

पाकिस्तान और अमेरिकी संबंधों में उलझी आफरीदी की जिंदगी

अप्रैल, 2016 में डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को इंटरव्यू देते हुए कहा था कि वो शकील आफरीदी को दो मिनट में बाहर निकलवा सकते हैं क्योंकि अमेरिका पाकिस्तान को काफी आर्थिक सहायता देता है. लेकिन पाकिस्तान पूरे बिन लादेन प्रकरण को अमेरिका की ओर से अपने आंतरिक मामलों में सेंध और अपने संप्रभुता पर हमला समझकर खुन्नस खाए हुए हैं.

इसके अलावा पाकिस्तान शकील आफरीदी को छोड़ने के एवज में अमेरिका से उसके जेल में बंद एक पाकिस्तान महिला आफिया सिद्दीकी को छोड़ने की मांग करता रहा है. आफिया पर अफगानिस्तान में एक अमेरिकी सैनिक को मारने की कोशिश करने का आरोप है. अमेरिका आफिया को आतंकी मानता है लेकिन पाकिस्तान का कहना है कि वो आफिया निर्दोष है और उसे गलत तरीके से फंसाया गया है.

और अब ट्रंप ने साल की शुरुआत में ही पाकिस्तान को हड़काते हुए उसकी आर्थिक सहायता रोक ली है, ऐसे में ये मामला निकट भविष्य में सुलझता तो नहीं दिखता.

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