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नेतन्याहू के भारत दौरे में भी पाक मीडिया को दिख रहा षड्यंत्र और युद्ध

पाक मीडिया ने अमेरिका, इजरायल और भारत को एक त्रिकोण बताते हुए उन पर दुनिया को तीसरे विश्व की तरफ धकेलने का आरोप लगाया है

Seema Tanwar Updated On: Jan 18, 2018 04:12 PM IST

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नेतन्याहू के भारत दौरे में भी पाक मीडिया को दिख रहा षड्यंत्र और युद्ध

इजरायली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतान्याहू के भारत दौरे में दोनों देशों की गर्मजोशी से पाकिस्तानी ऊर्दू मीडिया के दिल पर खूब सांप लोट रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेतान्याहू की मुलाकात पर तीखी टिप्पणियां की जा रही हैं और दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा और व्यापारिक रिश्तों को शांति के लिए खतरा करार दिया जा रहा है.

रोजनामा ‘जंग’ ने लिखा है कि इंसानियत के अस्तित्व और भलाई के लिए आज दुनिया को शांति की बहुत ज्यादा जरूरत है, लेकिन बदकिस्मती से सुपरपावर अमेरिका और उसके कुछ गैर जिम्मेदार सहयोगी देश लगातार ऐसे कदम उठा रहे हैं जिनसे दुनिया के ऊपर जंग के बादल मंडरा रहे हैं. अखबार कहता है कि इजरायली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतान्याहू भारत में हथियारों की फैक्ट्री कायम करने, टैंक रोधी मिसाइलों समेत दूसरे विनाशकारी हथियार बेचने और व्यापार के नाम पर साझा एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं.

अखबार ने अमेरिका, इजरायल और भारत को एक त्रिकोण बताते हुए उन पर दुनिया को तीसरे विश्व की तरफ धकेलने का आरोप लगाया है. अखबार की राय में, पाकिस्तान को चाहिए कि वह इस्लामी दुनिया को भारत-इजरायली गठजोड़ की पृष्ठभूमि में भारत सरकार के असल इरादों से अवगत कराए.

जंगी जुनून

उम्मत’ लिखता है कि नेतन्याहू का भारत दौरा उन रिश्तों को परवान चढ़ाने की तरफ एक कदम था जो दोनों देशों के बीच इस्लाम दुश्मनी और मुस्लिम विरोध की बुनियाद पर टिके हैं. एक तरफ अखबार ने इजरायल पर मुसलमानों के देश फिलीस्तीन की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है तो उसी सांस में भारत पर कश्मीर में आजादी की मुहिम को कुचलने और कश्मीरियों पर जुल्म ढाने का इल्जाम लगाया है.

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अखबार लिखता है कि येरुशलम के मुद्दे पर इजरायल के खिलाफ भारत के वोट को नजरअंदाज करते हए नेतन्याहू ने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें इससे उस वक्त निराशा हुई थी लेकिन दोनों देशों के बीच आने वाले दिनों में रिश्ते और मजबूत होंगे.

भारत में नेतन्याहू के खिलाफ होने वाले प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए अखबार कहता है कि मोदी की इजरायल समर्थक नीतियां उनका दौर खत्म होने के बाद खत्म हो सकती है, और यह भारतीय राजनीति का अस्थायी दौर है. जाहिर है इस अखबार को नहीं पता कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में भी इजरायल और भारत के करीबी रिश्ते थे. ‘एक्सप्रेस’ ने लिखा है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली कंपनियों को भारत में निवेश करने की खुली दावत दी है जिससे एक बार फिर भारत की जंगी तैयारियों और जुनून का पता चलता है.

अखबार कहता है कि इजरायली प्रधानमंत्री के साथ 130 कारोबारियों का शिष्टमंडल भी भारत के दौरे पर है, जिसमें सैन्य साजोसामान बनाने वाली कई कंपनियों के प्रमुख हैं. इसके साथ ही अखबार ने नेतन्याहू के खिलाफ हुए प्रदर्शनों को खासी तवज्जो देते हुए यह भी लिखा है कि यह पिछले पंद्रह साल में यह किसी इजरायली प्रधानमंत्री का पहला भारत दौरा है.

Benjamin Netanyahu in India

मेहमान नहीं

नवा ए वक्त’ लिखता है कि अमेरिका की शह पर इजरायली प्रधानमंत्री रक्षा सहयोग के समझौतों का पुलिंदा उठाकर भारत के एक हफ्ते के दौरे पर आ गए हैं, जिसे पाकिस्तान की सुरक्षा और खुदमुख्तारी के खिलाफ अमेरिका, भारत और इजरायल का गठजोड़ ही कहा जा सकता है.

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अखबार कहता है कि एक तरफ भारतीय सेना प्रमुख ‘शेखी बघार’ रहे हैं कि अगर पाकिस्तान ने आतंकवादी भेजने बंद नहीं किए तो भारत दूसरा कोई एक्शन लेगा, और दूसरी तरफ अमेरिका भारत को जंगी साजोसामान मुहैया कराने और उसके साथ सैन्य सहयोग करने की नीति पर फिर से गौर करने को तैयार नहीं है. अखबार के मुताबिक ऐसे में, पाकिस्तान अमेरिका और भारत को अपनी सुरक्षा को तार तार करने की इजाजत तो नहीं दे सकता.

औसाफ’ लिखता है कि नेतान्याहू का भारत को एक विश्व शक्ति बताना और उसे इजरायल के लिए एक नेमत करार देना घिनौने इरादों को जाहिर करता है. अखबार कहता है कि मुंह में राम और बगल में छुरी रखने की नीति पर चलने वाली भारत सरकार इजरायल के साथ रक्षा और अन्य क्षेत्रों में बड़े समझौते करेगी और जाहिर है कि ये समझौते पाकिस्तान के खिलाफ ही होंगे.

अखबार लिखता है कि भारत पहले ही इजरायल से खरीदी गई पैलेट गनों से कश्मीरियों की आंखों को छलनी कर रहा है. इजरायली विरोधी प्रदर्शनों पर अखबार कहता है कि मुसलमान ही नहीं, बल्कि अन्य समुदायों के लोगों ने भी इस प्रदर्शनों में हिस्सा लेकर जाहिर कर दिया कि वे इजरायली प्रधानमंत्री को भारत का मेहमान नहीं समझेंगे.

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