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पाकिस्तान: ISI में सेना का प्रभाव घटाने के लिए आम नागरिकों की होगी नियुक्ति

अब्बासी ने 15 सितंबर को एजेंसी में डीजी की संख्या एक से बढ़ाकर चार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी

Bhasha Updated On: Sep 17, 2017 03:38 PM IST

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पाकिस्तान: ISI में सेना का प्रभाव घटाने के लिए आम नागरिकों की होगी नियुक्ति

पाकिस्तान ने आईएसआई में सेना के बढ़ते प्रभाव को खत्म करने के लिए एक अहम कदम उठाया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने देश की शक्तिशाली खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (ISI) में आम नागरिकों की भूमिका बढ़ाने का फैसला किया है.

लंबे समय से आईएसआई को सेना का ही एक एक्सटेंशन माना जाता है. कई बार यह पाकिस्तान की सरकार के लिए खतरे का सबब बन जाता है. लिहाजा अब अब्बासी ने आईएसआई में सेना का प्रभाव कम करने के लिए आम नागरिकों को ऊंचे पदों पर हायर करने की योजना बनाई है.

डॉन की एक खबर के मुताबिक, अब्बासी ने 15 सितंबर को एजेंसी में सर्वोच्च सिविलियन पद महानिदेशकों (डीजी) की संख्या एक से बढ़ाकर चार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी.

ISI में सिविलियन डीजी का पद ग्रेड 21 का है जो सशस्त्र सेनाओं में सेवारत मेजर जनरल के बराबर है. इससे पहले खुफिया एजेंसी में सिविलियन डीजी का केवल एक पद होता था.

प्रधानमंत्री ने उप महानिदेशकों (डीडीजी) की संख्या भी आठ से बढ़ाकर 15 कर दी है. कैबिनेट एंड एस्टेब्लिशमेंट डिविजन के संसदीय सचिव रजा जावेद इखलास ने इस आदेश को ‘नियमित मामला’ बताया.

सेना की मीडिया इकाई इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस के एक अधिकारी ने इस घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की लेकिन कहा कि चूंकि प्रधानमंत्री सक्षम प्राधिकारी हैं तो एजेंसी में पदों में वृद्धि को मंजूरी देना उनका विशेष अधिकार है. ISI प्रधानमंत्री सचिवालय के तहत काम करता है. इसका मुख्यालय शुरू में रावलपिंडी था लेकिन बाद में इसे इस्लामाबाद स्थानांतरित कर दिया गया.

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