S M L

पाब्लो एस्कोबार: अकूत पैसा भी नहीं बचा पाया दुनिया के सबसे अमीर अपराधी को

कोलंबिया के सभी नेताओं को अपनी जेब में रखने का दावा करने वाला एस्कोबार यूं ही 'किंग ऑफ कोकीन' नहीं कहा जाता था

Updated On: Dec 01, 2017 03:54 PM IST

Prabhakar Thakur

0
पाब्लो एस्कोबार: अकूत पैसा भी नहीं बचा पाया दुनिया के सबसे अमीर अपराधी को

दुनिया का कोई ऐसा हिस्सा नहीं जहां अपराध नहीं होता. एक से बढ़कर एक अपराधियों ने अपने देश और दुनिया की सुरक्षा एजेंसियों की नाक में दम किया पर शायद ही कोई कोलंबिया के पाब्लो एस्कोबार जैसा हुआ.

एस्कोबार को कभी सीधी जिंदगी भायी नहीं. तभी तो उसने जिस कॉलेज में एडमिशन लिया वहां से भी बिना डिग्री निकल आया और जुर्म की काली दुनिया में उतर गया.

शुरुआत उसने की गैरकानूनी सिगरेट्स बेचने और अपहरण जैसे धंधों से. एक बार इस दुनिया में आकर उसने पीछे मुड़ कर नहीं देखा. उसका कारोबार वहां तक पहुंचा जहां से उसे सारे ‘माफियाओं का बाप’ माना जाने लगा. दरअसल वह उतर गया कोकीन तस्करी के धंधे में. कोकीन ऐसा ड्रग्स है जिसे एक बार अंदर लेते ही इंसान दुनिया से बेपरवाह खुशी के सागर में खो जाता है. कहा जाता है कि यह गांजे के बाद दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला ड्रग है. इसी के जरिए एस्कोबार ने सालों तक अपना साम्राज्य कायम रखा. उसे 'किंग ऑफ कोकीन' कहा जाता था.

किसान बाप और शिक्षिका मां के इस बेटे ने किशोरावस्था से ही अपना अलग रास्ता चुन लिया था. उसने इस मामले में मुर्दों को भी नहीं छोड़ा था. वह तो उनके कब्र का पत्थर भी चुरा कर उनकी तस्करी करता था. वक्त के साथ उसने ऐसी ऊंचाइयां छूईं कि वह दुनिया से सबसे अमीर लोगों में शुमार होने लगा. जब आदमी इतना अमीर हो तो ठाट से तो रहेगा ही. उसके पास कई हवाई जहाजों के बेड़ा था जिनमें लीयरजेट और 6 हेलिकॉप्टर शामिल थे.

काम कोकीन की तस्करी पर छवि रॉबिनहुड वाली

उसकी हनक का एक किस्सा उसके भाई रोबेर्तो एस्कोबार बताते हैं. मई, 1976 में एस्कोबार और उसके कई लोग ड्रग्स के साथ रंगे हाथों पकड़ लिए गए. एस्कोबार ने पहले तो जजों को घूस देने की कोशिश की पर जब वो नहीं माने तो उसने उनकी हत्या का आदेश दे दिया. इसके बाद उसे छोड़ दिया गया.

Pablo_Escobar_Mug

उसका भाई यहां तक बताता है कि एस्कोबार ड्रग्स के धंधे में इसलिए आया क्योंकि बाकी धंधे बेहद खतरनाक हो गए थे. ऐसे भी उस वक्त ज्यादा ड्रग्स माफिया भी नहीं थे. उसे यहां बेशुमार मौके दिखाई दिए.

उसने अमेरिका को कोकीन का ऐसा रोग लगाया कि वहां इसकी मांग दिन-दुनी, रात चौगुनी बढ़ने लगी. अमेरिका में ड्रग्स के बेताज बादशाह बनने के बाद तो एस्कोबार ने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा. उसने बिल्कुल सुनियोजित और पेशेवर ढंग से गैरकानूनी धंधा चलाया. सिर्फ कोकीन जमा करने के लिए उसने विशाल कोल्ड स्टोरेज तैयार करवाया. बेतहाशा कमाई होने तो लगी तो खर्च करना भी जरूरी हो गया. उसने एक आलिशान घर बनवाया. इस घर में चिड़ियाघर, झील, गार्डन से लेकर ऐशो आराम की हर चीज मौजूद थी.

एस्कोबार के बारे में कहा जाता है कि उसने कई सरकारों पर भी अपना नियंत्रण कर लिया था. अपनी ताकत के शिखर पर वह 15 टन कोकीन हर रोज तस्करी करता था. हर हफ्ते उसे $1000 तो सिर्फ नोट की गड्डियां बांधने में खर्च हो जाते थे. फोर्ब्स पत्रिका ने भी 1989 में उसकी दौलत का लोहा मानते हुए उसे दुनिया के अरबपतियों में शुमार किया था जिसकी संपत्ति $3 बिलियन थी.

अब आते हैं उसके ‘रॉबिनहुड’ वाली छवि पर. भले ही वह अमेरिका और कोलंबिया की सरकारों का दुश्मन था पर उसके शहर मेनडेलिन के लोग उसे बहुत चाहते थे. वहां के लोगों के लिए वह किसी फ़रिश्ते से कम नहीं था जो सबकी मदद करता था.

अमेरिका ने पीछे लगाई सील टीम और डेल्टा फोर्स

1990 तक सब ठीक चल रहा था. लेकिन तभी कोलंबिया में सत्ता परिवर्तन हुआ. सीजर गैवीरिया नए राष्ट्रपति बने. उसके बाद शुरू हुआ एस्कोबार का पतन. इस सरकार ने ड्रग्स माफियाओं को मिल रही खुली छूट ख़त्म करने का फैसला कर लिया. उसे आत्मसमर्पण करने को कहा गया लेकिन यहां भी उसी की मर्जी चली. उसे उसके ‘प्राइवेट जेल’ में बंद किया गया. अब एस्कोबार का ‘प्राइवेट जेल’ है तो ऐशो आराम तो होगा ही. यहां जकूज़ी, बार, वाटरफॉल जैसी सुविधाएं मौजूद थी. यहां से भी वह अपना कारोबार चलाता रहा. लेकिन फिर सरकार का मन बदला और उसे असली जेल की हवा खिलानी चाही. पर एस्कोबार कहां पकड़ में आने वाला था. वह भाग निकला ओर फिर सारी जिंदगी पुलिस से भागता रहा.

यहां से अमेरिका भी उसके पीछे लग गया. अमेरिका की घातक सील (SEAL) टीम सिक्स और डेल्टा फोर्स ने कोलंबिया की खास सर्च ब्लॉक को तैयार किया. अब एस्कोबार के दुश्मनों की संख्या लगातार बढ़ने लगी थी.

escobar death

एक के बाद एक एस्कोबार के 300 से ज्यादा सहयोगियों, वकीलों, और रिश्तेदारों को मौत के घात उतर दिया गया और उसकी संपत्ति नष्ट कर दी गई. इसके बाद खुद उसकी बारी थी. दिसंबर 1993 में पुलिस ने उसका लोकेशन खोज निकाला. शर की एक गली में पुलिस से बच कर कर भागने के दौरान उसे एक गोली लगी जो उसके कान से होती हुई निकल गई. इसके साथ ही दुनिया के सबसे अमीर क्रिमिनल का अंत उसी की अपराध की गलियों में हो गया.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi